हंगामापूर्ण रहेंगे बजट सत्र के आखिरी चार दिन

खेल विधेयक की वापसी पर हंगामे के पूरे आसार

शिमला— प्रदेश विधानसभा के आखिर चार दिन हंगामपूर्ण रहने की पूरी संभावना है। अब तक सत्तापक्ष और विपक्ष में कई मुद्दों पर गहमागहमी होती रही है मगर आपसी सामंजस्य भी दिखाई दिया है। क्योंकि अभी सरकार पूर्व सरकार के ही कार्यों को आगे बढ़ा रही थी, लिहाजा विपक्ष ने भी ज्यादा तीखापन नहीं दिखाया। अब क्योंकि मामला सरकार द्वारा लाए जाने वाले विधेयकों का है तो इस पर तकरार होनी तय है। सोमवार से शुरू होने जा रही बैठकों में सरकार की ओर से कई विधेयक सदन में लाए जाएंगे, जिसमें से एक खेल विधेयक की वापसी का प्रस्ताव भी होगा। सरकार ने फैसला लिया है कि वह पूर्व सरकार के खेल विधेयक को वापस लेगी। इस पर राज्यपाल की मंजूरी नहीं मिल पाई थी। क्योंकि पूर्व सरकार एचपीसीए को नियमों के दायरे में बांधने के लिए पुराना विधेयक लाई थी, जिसे अब वर्तमान सरकार वापस लेने जा रही है तो यकीनन विपक्ष इस पर तीखा हमला बोलेगा। इसे लेकर सत्तापक्ष को भी तैयारी रखनी होगी, जिसके विधायक सोमवार को विधायक दल की बैठक में रणनीति बनाएंगे। खेल विधेयक की वापसी के प्रस्ताव के साथ सरकार नगर नियोजन का संशोधन, खेल नीति से संबंधित प्रस्ताव व कुछ अन्य मामलों को भी सदन में ला सकती है। सदन की अब तक की कार्यवाही में कोई विधेयक नहीं लाया गया है। क्योंकि अब जयराम सरकार का बजट पास हो चुका है, लिहाजा उसमें शामिल कुछ नई योजनाओं के लिए भी विधेयक लाने होंगे, जिनको भी इसी सत्र में लाया जाएगा।कांग्रेस और भाजपा विधायक दलों की बैठकें सोमवार को सदन शुरू होने से पहले होगी। दोनों तरफ के विधायक आखिरी चार दिन की कार्यवाही पर चर्चा करेंगे साथ ही वार और पलटवार की भी तैयारी करेंगे।

कैग की रिपोर्ट खोलेगी गड़बडि़यों की पोल

विधानसभा के आखिरी दिनों में महालेखाकार की रिपोर्ट भी सदन में पेश की जाएगी। इसमें पूर्व सरकार के समय की वित्तीय स्थिति का उल्लेख होगा और विभागों की वित्तीय अनियमितताओं के बारे में जिक्र होगा। हालांकि इस पर सदन में तो बहस नहीं होगी, लेकिन सदन के माध्यम से कैग की रिपोर्ट सामने आएगी, जिसमें पहले किए गए कार्यों की पोल पट्टी खुलनी तय है।

कांगड़ा को-आपरेटिव बैंक घोटाले पर भी होगी तकरार

सदन में सोमवार को शिलान्यास व उद्घाटन पट्टिकाओं को तोडे़े जाने तथा कांगड़ा को-आपरेटिव बैंक के घोटाले को लेकर हंगामे के आसार हैं। नियम 62 के तहत विधायकों ने इन पर चर्चा मांगी, जिस पर कई विधायक न केवल सरकार की घेराबंदी करेंगे बल्कि कांगड़ा को-आपरेटिव बैंक के मुद्दे पर सरकार विपक्ष पर पलटवार करेगी। यह मामला पहले भी सदन में गर्मा चुका है, जिस पर विपक्ष ने भी भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया था।

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