शिमला —राजधानी शिमला में जल संकट गहराता जा रहा है। पेयजल परियोजनाओं में जल स्तर घटने से निगम को कम पानी मिल रहा है, जिससे शेड्यूल के तहत शहर में पानी बांटना निगम प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। शनिवार को विभिन्न पेयजल परियोजनाओं से निगम को 19.05 एमएलडी पानी मिला, जबकि शहर की जरूरत 42 से 45 एमएलडी पानी की है। कम पानी मिलने से निगम की पेयजल सप्लाई का शेड्यूल सातवें दिन में प्रवेश कर गया है। शहर के कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां जनता को सातवें दिन भी पानी नहीं मिल पाया है। जनता में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच गई है। पेयजल परियोजनाओं से पानी का स्तर घटने से निगम प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। हालांकि निगम प्रशासन द्वारा शहर में टैंकरों से पानी की सप्लाई उपलब्ध करवाई जा रही है। मगर कम पानी होने से टैंकरों से भी सप्लाई करना मुश्किल हो गया है।
पेयजल परियोजनाओं से हुई 23.57 एमएलडी पानी की पंपिंग
ओल्ड+ न्यू 5.41 एमएलडी
नोटी 3.98 एमएलडी
गुम्मा 9.39 एमएलडी
गिरी 12.50 एमएलडी
चुरट 0.28 एमएलडी
कोटी-ब्रांडी कुछ नहीं
कोटी-बरांडी से नहीं मिला पानी
प्रचंड गर्मी की मार पेयजल स्रोतों पर भारी पड़ रही है। जहां अधिकतर पेयजल परियोजनाओं से पानी का स्तर घट गया है। वहीं कोटी-बरांडी पेयजल स्रोत से पानी की पंपिंग ठप हो गई है। शनिवार को कोटी-बरांडी पेयजल परियोजना से निगम को पानी नहीं मिल पाया।
शहर में टैंकरों से होगी पानी की सप्लाई
शिमला शहर में पानी की सप्लाई टैंकरों से होगी। इसके लिए नगर निगम शिमला पानी के टैंकर हायर करेगा। हालांकि अभी तक निगम को प्राइवेट टैंकर नहीं मिल पाए हंै, लेकिन निगम सहित जिला प्रशासन ने नगल व नालागढ़ में निजी टैंकरों के लिए संपर्क किया है।