नीरथ-बढ़ाच में पानी के लिए मचा हाहाकार

रामपुर बुशहर —चिलचिलाती गर्मी अब लोगों के कंठ सूखा रही है। आलम ये है कि ग्रामीणों को चार दिन बाद भी पानी नसीब नहीं हो रहा है। जानकारी के मुताबिक नीरथ पंचायत के डोई और शरन गांव भंयकर पानी की समस्या से जूझ रहे है। वहीं बढ़ाच पंचायत बरकेली, कांदल, कलंती गांव में भी ग्रामीण पानी की समस्या से जूझ रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि जो पेयजल योजना इन गांव के लिए पानी की आपूर्ति कर रही है उसमें चार दिन बाद नाममात्र पानी आ रहा है। स्थिति ये है कि ग्रामीण पीने के पानी के लिए तरस रहे है। जबकि गांव में अन्य काम के लिए पानी की जरूरत पड़ती है। पानी की किल्लत इतनी बढ़ गई है कि पशुओं तक को पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि चार दिन बाद भी गांव में पूरी पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि अगर पानी की कमी है तो आईपीएच विभाग को चार दिन बाद एक गांव को पूरा पानी देना चाहिए, लेकिन ऐसा न होने से ग्रामीणों को अपनी दिनचर्या चलाने में खासी दिक्कतें पेश आ रही है। जहां पर तो अन्य प्राकृतिक स्त्रोत है वह तो पानी की जरूरत को जैसे तैसे पूरा कर रहे है, लेकिन जिन गांव में प्राकृतिक स्त्रोत काफी दूर है उनके लिए खासी समस्या पैदा हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरा पूरा दिन उनका पानी ढोने में लग रहा है। फिर भी उनकी जरूरतें पूरी नहीं हो रही है। उन्होंने आईपीएच विभाग से आग्रह किया है कि जल्द पानी की समस्या को दूर करने के लिए प्रयास किए जाए, लेकिन आईपीएच विभाग द्वारा यहां पर तैनात किए गए फिटर का का कहना है कि जो पेयजल योजना इन गांव को सप्लाई देती है उसमें 80 फीसदी तक पानी सूख गया है। ऐसे में समस्या बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि यहां के लिए अन्य योजना भी नहीं है। जैसे तैसे पानी की सप्लाई को पूरा किया जा रहा है। अगर बारिश नहीं होती है तो ये समस्या और बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी फिलहाल चार दिन के बाद एक गांव को पानी दिया जा रहा है। इस बारे में उच्च विभाग को भी सूचित किया जा चुका है, ताकि यहां पर पानी के टेंकर की व्यवस्था की जाए, लेकिन पानी के टेंकर से भी सड़कों के किनारे बसे लोगों को ही पानी नसीब हो पाएगा।

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