शिमला —वीकेंड पर शिमला पहुंचे सैलानियों को भी पेयजल किल्लत की मार झेलनी पड़ी। शहर में सैलानियों को पानी खरीद कर ही अपनी प्यास बुझानी पड़ी। शिमला में पेयजल संकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है। शहर के होटलों और ढाबों में पानी नहीं है। ऐसे में होटल व ढाबा व्यवसायियों द्वारा ग्राहकों को पानी नहीं दिया जा रहा है। ग्राहकों की डिमांड पर उन्हें पानी की बंद बोतल थमाई जा रही है। जल संकट का सीधा प्रभाव पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है। पर्यटन कारोबारियों की मानें तो बिना पानी के पर्यटन कारोबार 40 से 50 फीसदी तक गिर गया है।
बढ़ रही बंद बोतल पानी की डिमांड
शिमला में पानी की सप्लाई न होने से बंद बोतल पानी सहित कोल्ड ड्रिंक की डिमांड भी बढ़ गई है। व्यापार मंडल के प्रधान इंद्र जीत सिंह ने बताया कि शिमला में बंद बोतल पानी की डिमांड 250 से 300 फीसदी तक बढ़ गई है।
कमरे नहीं दे रहे होटल व्यवसायी
वीकेंड पर शिमला में बाहरी राज्यों से काफी संख्या में सैलानी पहुंचे हैं। मगर पानी की कमी होने के चलते होटल व्यवसायी कमरे नहीं दे पा रहे हैं। होटल व्यवसायियों का आरोप है कि निगम प्रशासन उन्हें जरूरत लायक पानी नहीं दे पा रहा है। इतना ही नहीं शहर के कई मार्ग बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए प्रतिबंधित हैं। ऐसे में निजी टैंकरों से भी होटलों में पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है।