शिमला को पानी ले जाने पर भड़के लोग

 सुन्नी —राजधानी के लिए पेयजल पूर्ति के मुख्य स्रोत गुम्मा से 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने के सरकार के आदेशों के खिलाफ संबंधित किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। सरकारी आदेशों पर अमल करते हुए प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों ने किसानों की कुहलें बंद करनी शुरू कर दी हैं। इससे गुस्साए नोटी खड्ड पर आश्रित तीन विधानसभा क्षेत्र के किसानों ने रविवार को काटली में आपात बैठक का आयोजन किया। इसमें उपमंडलाधिकारी शिमला ग्रामीण अनिल शर्मा, अधिशाषी अभियंता नगर निगम शिमला गोपाल कृष्ण भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिमला ग्रामीण, कुसुम्पटी एवं ठियोग विस क्षेत्र के किसानों ने किसानों की कुहलें बंद करने का कड़ा विरोध किया और किसानों की मांगें न मानने तक विभाग की किसी भी कार्रवाई का विरोध करने का निर्णय लिया। हालांकि इस दौरान एसडीएम अनिल ने किसानों की समस्या को शांतिपूर्ण ढंग से सुना और किसानों की मांगों को सुलझाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों एवं प्रशासन के बीच शिमला को पानी देने पर सहमति बनी। इस अवसर पर किसान सभा के राज्याध्यक्ष डा. कुलदीप तनवर एवं सत्यवान पुंडीर ने भी किसानों की मांगों का समर्थन किया और सरकार से शीघ्र उचित निर्णय की मांग की। इस अवसर पर किसान मोर्चा कुसुम्पटी के सचिव सोहन लाल, प्रधान गुम्मा मीरा, मझीवड़ प्रधान प्रेम प्रकाश, उपप्रधान गुम्मा सेवक राम, नारायण सिंह व दर्जनों किसान मौजूद रहे। उपमंडलाधिकारी शिमला ग्रामीण अनिल शर्मा ने कहा कि किसानों के साथ सकारात्मक बात हुई है।

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