मनाली-लेह सड़क पर चार घंटे रुकी रफ्तार

केलांग —मनाली-लेह मार्ग पर जिंगजिगबार के समीप भू-स्खलन होने से मनाली-लेह मार्ग मंगलवार सुबह करीब चार घंटे बंद रहा। प्रशासन को जैसे ही भू-स्खलन की जानकारी मिली वैसे ही ठप पड़ी सड़क पर यातायात बहाल करवाने के लिए कसरत तेज कर दी गई। प्रशासन का कहना है कि मंगलवार अल सुबह ही जिंगजिंगबार के समीप पहाड़ी से भू-स्खलन होने का दौर शुरू हो गया। इस दौरान पहाड़ी से सड़क पर बड़ी चट्टाने गिरी, जिस कारण मनाली-लेह मार्ग करीब चार घंटे बंद रहा। प्रशासन का कहना था कि भू-स्खलन का मलबा काफी ज्यादा था और सड़क पर चट्टानें भी आ गिरी थीं, जिन्हें तोड़ने में कुछ समय लग गया।  इस दौरान सड़क के दोनों छोरों पर सैलानियों के वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। मनाली-लेह मार्ग पर सैलानियों के फंस जाने से जहां प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंच गया, वहीं मार्ग को भी मंगलवार दोपहर तक बहाल करवा दिया गया। यहां बता दें कि लाहुल-स्पीति में बरसात से पहले ही भू-स्खलन का दौर जारी है। खासकर मनाली-लेह मार्ग पर हर दूसरे दिन भूस्खलन होने से सैंकड़ों सैलानी इस सड़क पर फंस रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि कुछ ब्लैक स्पॉट हैं,जिन्हें चिन्हित कर लिया गया है। यहां प्रशासन ने जीसीबी इसके आसपास ही रखी है, ताकि सड़क पर भूस्खलन होते ही तुरंत लबा हटाने का काम शुरू किया जा सके। मनाली-लेह मार्ग पर इनदिनों बाइक राइर्ड्ज काफी संख्या में जा रहे हैं। ऐसे में इस मार्ग पर हो रहे भू-स्खलन से खासकर दोपहिया वाहन चालकों हर दम खतरा बना रहता है। प्रशासन का कहना है कि सैलानियों से यह अपील की जा रही है कि मौसम को ध्यान में रख ही इस घाटी में सफर पर निकलें। जगह-जगह भू-स्खलन होने से यहां कभी भी रास्ता बंद हो सकता है। उधर, पुलिस कप्तान राजेश धर्माणी का कहना है कि जिंगजिगबार के समीप मंगलवार सुबह भूस्खलन होने से मार्ग अवरुद्ध हुआ था।