सरकार की काबिलीयत में जिलों की कमान-4

By: Feb 18th, 2019 12:08 am

देवभूमि के नाम से विख्यात हिमाचल निरंतर प्रगति के डग भर रहा है। प्रदेश की जयराम सरकार ने कई नई योजनाएं शुरू की, जिनका जनता को फायदा हो रहा है। जनमंच सरीखी पहल तो लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है, क्योंकि लोगों की दिक्कतों का घर-द्वार समाधान किया जा रहा है।  बेशक यह सरकार की पहल है, लेकिन इसकी कामयाबी के पीछे उन अधिकारियों का योगदान भी कम नहीं , जो योजनाओं को धरातल पर उतार रहे हैं। इस बार दखल के जरिए सोलन, शिमला और चंबा के जिला मुखियाओं की परफार्मेंस पेश कर रहे हैं… 

 सुरेंद्र ममटा, प्रतिमा चौहान और दीपक शर्मा 

विनोद कुमार

नशे के खिलाफ छेड़ा अभियान

विनोद कुमार ने सोलन में बतौर उपायुक्त कार्यभार संभालने के बाद जिला में नशा निवारण के लिए दो बड़े कार्यक्रम करवाकर युवाओं को जागरूक किया। वहीं, अस्पताल में मरीजों के साथ-साथ तीमारदारों के लिए भी भोजना मुहैया करवाना उनकी शानदार सोच है…

जिला सोलन एजुकेशन के अलावा औद्योगिक हब एवं अब प्रदेश की आर्थिक राजधानी के तौर पर उभर रहा है। यह एक ऐसा जिला है, जो बढ़ी तेजी से आगे बढ़ता जा रहा है। लाजिमी है यहां के लोगों तक आधारभूत सुविधाआें को पूरा करना सदैव चुनौतीपूर्ण रहता है। आपकों बता दें कि जिला में पांच विधानसभा क्षेत्र व 211 पंचायतें हैं। सभी विधानसभा क्षेत्रों एवं पंचायतों के एक समान विकास का जिम्मा बीते एक वर्ष से  विनोद कुमार बतौर डीसी संभाले हुए हैं। अपने एक साल के कार्यकाल के दौरान डीसी विनोद कुमार ने अनेक ऐसे कार्य किए, जिसके लिए उन्हें लंबे समय तक याद किया जाएगा। सर्वाधिक कार्य खेल के क्षेत्र में किए गए हैं। इससे आने वाले समय में खिलाडि़यों को फायदा मिलेगा। यहां यह कहना भी गलत नहीं होगा कि एजुकेशन एवं औद्योगिक हब के बाद भविष्य में सोलन जिला को खेल एवं खिलाडि़यों के लिए भी जाना जाएगा। यह सच है कि सरकार योजनाएं बनाती है, लेकिन  उन योजनाओं को जरूरतमंद लोगों तक कैसे पहुंचाया जाए, इसमें सबसे बढ़ा योगदान जिला प्रशासन का रहता है। डीसी विनोद कुमार ने सरकार का सबसे महत्त्वाकांक्षी जनमंच कार्यक्रम के तहत अभी तक हुए सभी नौ कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। मटैरनी से शुरू हुआ यह कारवां अभी डोल के जुब्बड़ तक आ पहुंचा हैं, लेकिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हर कार्यक्रम को सफल बनाया गया।  डीसी विनोद कुमार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान नशे पर दो बड़े कार्यक्रम करवाए हैं। प्रदेश स्तरीय नशा निवारण कार्यक्रम की शुरुआत करने वाला सोलन जिला बना। पहला कार्यक्रम सोलन के ठोडो मैदान में आयोजित किया। दूसरा कार्यक्रम बद्दी में आयोजित किया गया। नशे के ऊपर जागरूकता अभियान के तहत युवाओं के लिए यह कार्यक्रम काफी लाभदायक सिद्ध हुए। इसके अलावा पोलिथीन के प्रयोग पर जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए हैं। पर्यावरण की दृष्टि से अति महत्त्वपूर्ण इस कार्य के लिए पोलिथीन का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। विनोद कुमार का कहना है कि सोलन के किसानों की लंबे समय से टमाटर प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की मांग लंबित है।

अब इस पर कार्य आरंभ कर दिया है। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा तीन करोड़ रुपए मिल चुके हैं। औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है।  डीसी का कहना का की मौजूदा समय में परवाणू तक फोरलेन का कार्य प्रगति पर है। इससे कई बार यातायात भी प्रभावित हो जाता है। इस कार्य को जल्दी पूरा करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

पीएम अवार्ड को किया अप्लाई

जिला सोलन ने केंद्रीय योजनाओं नेशनल सोशल अस्सिटेंस प्रोग्राम, सहज बिजली हर घर योजना एवं राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) के तहत प्रधानमंत्री अवार्ड के लिए अप्लाई किया है। दो योजनाओं को छोड़कर जिला सोलन को राष्ट्रीय कृषि बाजार के तहत ई-नाम योजना पर राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने की पूरी संभावना हैं।

तीमारदारों को भी मिल रहा खाना

जिला प्रशासन का सामाजिक सेवा में सबसे बढ़ा योगदान क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों के साथ आए तामीरदारों को खाना खाने की योजना रही। इससे अन्नपूर्णा योजना का नाम दिया गया। सामाजिक संस्थाओं सहित जिला रेडक्रॉस के माध्यम से यह पुनीत कार्य आरंभ किया गया। हालांकि वर्तमान समय में इसे निजी संस्था के सहयोग से चलाया जा रहा है, लेकिन इसकी शुरुआत के लिए डीसी विनोद कुमार का योगदान अहम रहा है।

अमित कश्यप

महिला सुरक्षा पर दिया जोर

उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने महिला सुरक्षा को अपने एजेंडे में शामिल कर बेहतरीन पहल की है। साथ ही नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को मीठे जहर की लत से बचाने का भी प्रयास कर रहे हैं ….

2008 बैच के उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने अभी तक के कार्यकाल में शिमला में महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा के दृष्टिगत महिला सुरक्षा, लघुनाटिका की रचना की, जिसको अंगे्रजी, हिंदी तथा बे्रल में भी संस्करण किया गया, ताकि महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए स्कूलों, महाविद्यालयों, कार्यालयों आदि में भी सचेत रहें। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर विभिन्न हेल्पलाइन  नंबर, महिला पुलिस थाना आदि व गुडि़या हेल्पलाइन जैसे माध्यमों का प्रयोग कर सकते हैं। बे्रल संस्करण करने के कारण दृष्टि बाधित किशोरियों के पास भी इस तरह की जरूरी जानकारी पहुंच सके।  इस लघु पुस्तिका का विमोचन मुख्यमंत्री द्वारा अप्रैल 2018 में किया गया था व उनके निर्देशानुसार प्रदेश भर में इसी तरह का कार्य महिला एवं बाल विकास विभाग को करने को कहा गया। यह लघु पुस्तिका पिछले वर्ष से शिमला जिला के सभी स्कूल व कालेज जाने वाली छात्राओं के मध्य मुफ्त में वितरित की जा रही है। पोलिथीन उपयोग रोकने के लिए समय-समय पर पुलिस व प्रशासन द्वारा अभियान चलाए जाते हैं तथा चालान भी किए जाते हैं। इसके अलावा जनमंच कार्यक्रम के प्लास्टिक प्लेट का इस्तेमाल को रोकने के लिए परंपरागत पत्तल का प्रयोग शुरू करवाया, ताकि प्लास्टिक को नियंत्रित किया जा सके।   प्रदेश सरकार के प्लास्टिक पर बैन लगाने के आदेशों को उन्होंने बखूबी निभाया है। समय-समय पर दुकानों का औचक निरीक्षण किया भी जाता है और पोलिथीन आदि सामग्री मिलने पर कानूनन कार्रवाई भी की जाती है। शिमला जिला में औद्योगिक इकाइयों को खोलने की इतनी मांग नहीं है परंतु पर्यटन की दृष्टि से यह जिला अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।  इसको मद्देनजर करते हुए जमीनें चयनित की गई हैं, जहां पर लगाई जा सकें और पर्यटकों की सुविधा के मद्देनजर साथ ही हेलि टूरिज्म के लिए चांशल में जमीन तलाश की गई है, ताकि शिमला जिला के इन क्षेत्रों में आसानी से पहुंचा जा सके। साथ ही धार्मिक पर्यटन के लिए वीकेंड टूरिज्म को बढ़ावा दिए जाने का प्रयत्न किया जा रहा है। उनका मानना है कि अगर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए तो  प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे। पर्यटन साइट्स डिवेलप होने से सैलानियों की आमद में बढ़ोतरी होगी। इसके अतिरिक्त उपायुक्त शिमला ने नशे के खिलाफ जो मुहिम छेड़ी है, उसके आने वाले समय में बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।

नशे के खिलाफ जागरूकता मुहिम

उपायुक्त शिमला द्वारा युवाओं को दिशा दिखाने के लिए विभिन्न उपमंडलों में नशा निवारण के बारे में जागरूकता कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें स्कूल व कालेजों के छात्र-छात्राओं को भी जोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त युवाओं में व्यावसायिक मानसिकता पैदा करने के लिए लघु उद्योग के क्षेत्र में कड़े कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना, स्वावलंबन योजना से अधिक से अधिक युवाओं को मार्गदर्शन करके जोड़ा जा रहा है।

पर्यटन को विकसित करने का विजन

उपायुक्त की भविष्य की योजना है कि राजस्व क्षेत्र में लोगों को ऑनलाइन की सारी जानकारी मिल पाए। रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिले, विशेषकर पर्यटन क्षेत्र में और जितनी भी डिवेलपमेंट स्कीम प्रारंभ की गई हैं, उनको समय पर पूरा किया जाएगा, ताकि लोगों को उनका शीघ्र लाभ मिल सके।

छात्रों के लिए ‘कायाकल्प प्रगति’ लाए हरिकेश मीणा

2012 बैच के आईएएस अधिकारी हरिकेश मीणा कई विकासात्मक योजनाओं से जिला चंबा को नई पहचान दिलाने में जुटे हैं। सरकारी स्कूलों में आठवीं के छात्रों के लिए मासिक परीक्षा का आयोजन करवाना उनकी सबसे बड़ी पहल है…

चंबा जिला के डीसी हरिकेश मीणा ने एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान कायाकल्प प्रगति मुहिम के जरिए आठवीं कक्षा के बच्चों के अंग्रेजी व गणित विषय के लर्निंग आउटकम बढ़ाने को लेकर बेहतरीन पहल की है। इस मुहिम के तहत मासिक स्तर पर टेस्ट का आयोजन कर छात्रों के बौद्धिक स्तर की परख करने के अलावा उजागर कमियों को दूर किया जाता है। इस मुहिम के दूसरे चरण में बाकायदा संबंधित इलाके के एसडीएम स्कूलों का निरीक्षण कर टेस्ट की पारदर्शिता की परख करने के साथ छात्रों के साथ बातचीत कर फीडबैक हासिल करते हैं। जिला के विभिन्न स्कूलों में मासिक स्तर पर होने वाले इस टेस्ट में आठ हजार से अधिक आठवीं कक्षा के छात्र हिस्सा लेते हैं। डीसी हरिकेश मीणा के कार्यकाल की यह सबसे बेहतर पहल के तौर पर देखी जा सकती है। इसके अलावा डीसी हरिकेश मीणा ने चंबा के जमा दो के छात्रों को मेडिकल व इंजीनियरिंग परीक्षाओं की बेहतर तैयारियों के लिए ब्वायज स्कूल में एक्स्ट्रा समय पर कोचिंग कक्षाएं आरंभ कर एक सकारात्मक कदम बढ़ाया है। इसके तहत डीसी हरिकेश के अलावा विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी, प्रवक्ता व टीचर युवाओं को भविष्य संवारने के लिए टिप्स दे रहे हैं। ब्वायज स्कूल चंबा के ऑफ टाइम में इन कक्षाओं का आयोजन किया जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े चंबा जिला में डीसी की इस पहल के भी  सुखद परिणाम देखने को मिलेंगें।

युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का प्लान

जिला में पर्यटन कारोबार की संभावनाओं के दोहन को लेकर भी मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत देश- दुनिया की नजर से अछूते पर्यटन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर लाने को डीसी हरिकेश मीणा स्वयं इन जगहों का दौरा कर रहे हैं और पर्यटन कारोबार की संभावनाओं के दोहन को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बेहतर प्लानिंग कर रहे हैं। डीसी हरिकेश मीणा जिला में धार्मिक व साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने को लेकर भी कदम बढ़ा रहे हैं।

डिफाल्टर दुकानदारों से वसूले 20 लाख

चंबा के डीसी हरिकेश मीणा ने अरसे से नगर परिषद को दुकानों का किराया न देने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ  बड़ी कार्रवाई को भी अंजाम दिया। इसके तहत डिफाल्टरों के नामों की मुनादी के अलावा सूची मुख्य चौक पर चस्पां की। डीसी के इन प्रयासों से ही डिफाल्टर किराया जमा करवाने स्वयं कार्यालय पहुंचे। इस मुहिम से नगर परिषद ने करीब बीस लाख रूपए की पेंडिग किराया राशि वसूलने में सफलता हासिल की है। इसी तरह की कार्रवाई को डीसी के आदेशों पर नगर परिषद डलहौजी व नगर पंचायत चुवाड़ी में भी सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

चौगान से फूल तोड़ने पर 500 रुपए जुर्माना

2012 बैच के आईएएस अधिकारी डीसी हरिकेश मीणा के चंबा के ऐतिहासिक चौगान को जनसहयोग से संवारने की मुहिम को भी सर्वत्र सराहना मिली। इस मुहिम के तहत डीसी ने विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों के श्रमदान के सहयोग से चौगान को नई लुक देने का प्रयास किया। इसके अलावा ऐतिहासिक चौगान में हरी दूब की पट्टी को दोबारा लौटाने के अलावा इर्द-गिर्द फूलों की क्यारियां स्थापित कीं। चौगान में गंदगी गिराने या फूल तोड़ने पर जुर्माने लगाने की व्यवस्था भी की गई है। डीसी के आदेशों के मुताबिक चौगान में गंदगी फैलाने व फूल तोड़ने वालों से पांच सौ रुपए जुर्माना वसूलने का प्रावधान किया गया है। इस कार्य की निगरानी के लिए बाकायदा एक कमेटी का गठन भी किया गया है। चंबा के ऐतिहासिक चौगान के वजूद को बचाने के लिए डीसी हरिकेश मीणा हरसंभव प्रयास कर  रहे हैं।

पंचायत के विकास कार्यों  में आई पारदर्शिता

डीसी हरिकेश मीणा ने सरकारी विभागों व पंचायतों के औचक निरीक्षण की भी एक बेहतरीन पहल की। और कई लेटलतीफ  ड्यूटी से नदारद रहने वाले कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलबी की। पंचायतों के विकास कार्यों में पारदर्शिता को लेकर भी डीसी हरिकेश मीणा ने कई बेहतरीन प्रयास किए हैं। इसके तहत पंचायतों के विकास कार्यों की रूटीन में पड़ताल भी की जा रही है। डीसी हरिकेश मीणा ने जिला के लोगों को पारदर्शी प्रशासन देने को लेकर कई तरह के प्रभावी कदम उठाए हैं। एस्पिरेशनल जिला की श्रेणी में शामिल चंबा जिला में डीसी हरिकेश मीणा ने सरकारी योजनाओं के धरातल पर बेहतरीन तरीके से कार्यान्वयन को लेकर भी बेहतरीन प्रयास किए हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं को लागू कर पात्र लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।

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