ईएनसी सुमन विक्रांत ने लगाए विभाग को पंख

 शिमला —अपनी स्वच्छ छवि व काबिलियत के दम पर सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में आईपीएच के ईएनसी सुमन विक्रांत की अहम भूमिका रही है। आईपीएच जैसे जनता से जुड़े विभाग के माध्यम से आम जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखने के लिए उन्होंने निष्ठा से काम किया। यही कारण है कि उनके सौम्य स्वभाव व काम की ललक को हर कोई सलाम करता है। ऐसे अधिकारी सरकार के लिए भी धरोहर हैं। ईएनसी के ओहदे तक पहुंचकर सुमन विक्रांत ने विभाग को पंख लगा दिए। शिमला के जल संकट को खत्म करने में उनकी अहम भूमिका रही, क्योंकि उनके रहते चाबा से गुम्मा के माध्यम से शिमला को पानी लाने की अहम योजना को तय अवधि में पूरा किया जा रहा है। जनता से जुड़े महकमों में इस तरह के अधिकारी बिरले ही मिलते हैं, जो जन सेवा को अपना धर्म मानकर चलते हैं और समय पर काम को निपटाने की जिनकी आदत होती है। आईपीएच विभाग के ईएनसी सुमन विक्रांत उनमें से एक हैं, जो कि 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। स्वच्छ छवि के सुमन विक्रांत को एक्सटेंशन भी मिल सकती है, परंतु उन्होंने अपने जूनियर अफसरों का हक न मारते हुए इसके लिए अप्लाई ही नहीं किया। ऐसे अधिकारियों को सरकार भी एक्सटेंशन देने के बारे में सोचती है। सुमन विक्रांत का शिमला से पुराना नाता रहा है। उन्होंने यहां नगर निगम में भी काम किया और विभाग के सबसे ऊंचे ओहदे पर बैठकर रिटायर होने जा रहे हैं। वह विभाग में रहकर उन लोगों के पसंदीदा अधिकारी बने हैं, जिनके इलाकों में उन्होंने काम किया। जुब्बल कोटखाई में सबसे पहले लिफ्ट वाटर सप्लाई स्कीम को रिकार्ड समय में पूरा उन्होंने ही किया था। प्रदेश के कई क्षेत्रों में वह काम कर चुके हैं और विभाग की कई बड़ी स्कीमों को तय समय पर मुकाम तक पहुंचाया। पिछले साल शिमला में जल संकट खड़ा हो गया था, क्योंकि सुमन विक्रांत शिमला में सेवाएं दे चुके थे, लिहाजा विभाग ने उन पर भरोसा जताया। चाबा से गुम्मा में पानी डालने की स्कीम को आज लगभग पूरा कर दिया गया है और इसके बूते अब शिमला में सालों तक जल संकट नहीं होगा। विश्व बैंक से प्रोजेक्ट लाने, नई-नई योजनाएं बनवाने में उनकी अहम भूमिका रही है। पांच शहरों को फ्रांस से एक अहम प्रोजेक्ट भी उन्होंने मंजूर करवाया है। हमीरपुर क्षेत्र में रहते हुए उनके काम को आज भी याद किया जाता है। स्वभाव से सौम्य सुमन विक्रांत काम के प्रति हमेशा से समर्पित रहे हैं। इस तरह के इंजीनियरों की प्रदेश के विकास के लिए बेहद जरूरत है।

You might also like