उद्योगपतियों को खुद सबसिडी देगी सरकार

शिमला —हिमाचल में निवेश करने वाले उद्योगपतियों को खुद प्रदेश सरकार ट्रांसपोर्ट सबसिडी प्रदान कर सकती है। इसके साथ छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए इंट्रस्ट सबसिडी देने का भी एक प्रस्ताव विचाराधीन है। प्रस्ताव उद्योग विभाग की तरफ से सरकार को गए हैं, जिस पर मुख्य सचिव के साथ चर्चा हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि क्योंकि यह मामला वित्त महकमे से जुड़ा हुआ है, लिहाजा पहले वित्त विभाग की इजाजत लेनी जरूरी है। सरकार इस तरह की रियायतें अपने स्तर पर उद्योगपतियों को दे सकती है। पहले केंद्र सरकार यहां विशेष औद्योगिक पैकेज के तहत निवेशकर्ताओं को कैपिटल व ट्रांसपोर्ट सबसिडी का लाभ देती थी, लेकिन बाद में ट्रांसपोर्ट सबसिडी बंद कर दी गई। ट्रांसपोर्ट सबसिडी के तहत उद्योगपतियों को नजदीक के रेलवे स्टेशन से प्लांट तक मशीनरी पहुंचाने की राशि प्रदान की जाती थी, जिससे बड़ी राहत मिलती रही, क्योंकि अब यह सबसिडी पूरी तरह बंद हो चुकी है, लिहाजा उद्योगपतियों ने भी निवेश में रुचि नहीं दिखाई है। प्रदेश में जो भी उद्योगधंधे स्थापित हुए हैं, उनके लिए रॉ मैटीरियल बाहर से ही आता है, ऐसे में ट्रांसपोर्ट सबसिडी का उन्हें अधिक लाभ मिल सकता है। इसलिए उद्योग विभाग ने ऐसा प्रस्ताव तैयार किया है कि यहां निवेश करने वालों को प्रदेश सरकार अपनी तरफ से ट्रांसपोर्ट सबसिडी दे। इसके अलावा छोटे उद्योगों को विकसित करने के लिए उनके लोन पर लगने वाले ब्याज का कुछ हिस्सा इंट्रस्ट सबसिडी के रूप में प्रदेश सरकार वहन करे, तो भी उन्हें राहत मिलेगी। इसका प्रस्ताव भी मुख्य सचिव को भेजा गया था, जहां इस पर भी चर्चा हो चुकी है।

…तो निवेशकों के आने का रास्ता साफ

सरकार अपने स्तर पर कितनी आर्थिक मदद ट्रांसपोर्ट व इंट्रस्ट सबसिडी के रूप में उद्योगपतियों की कर सकती है, यह अभी तय किया जाना है। इस पर वित्त विभाग ही बोल सकता है, लिहाजा जो सुझाव विभाग ने दिए हैं, उन पर आने वाले दिनों में चर्चा की जाएगी। यदि वित्त विभाग इसे मान लेता है और सरकार तैयार हो जाती है, तो यहां निवेशकों के आने का रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे प्रदेश में बड़े स्तर पर निवेश बढ़ सकता है।

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