एचपीयू में इसी सत्र से शुरू होगा सेंट्रल प्लेसमेंट सैल

शिमला—हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय मेंे छात्रों को अब कैंपस इंटरव्यू देने का मौका मिलेगा। विश्वविद्यालय में इसी सत्र से सेंट्रल प्लेसमेंट सैल छात्रों को रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। सेंट्रल प्लेसमेंट सैल के स्थापित होने पर पास आउट होने वाले छात्रों को कैंपस इंटरव्यू  देने के बाद बाहरी राज्यों की बड़ी-बड़ी कंपनियों में काम करने का सुनहरा मौका मिलेगा। आगामी जून-जुलाई माह में पास आउट होने वाले विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था की शुरूआत होगी। विश्वविद्यालय में सेंट्रल स्टूडेंट्स प्लेसमेंट सैल स्थापित करने को वित्त समिति की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में बीते जनवरी माह में मंजूरी मिल गई थी। अब आगामी दिनों में सेंंट्रल प्लेसमेंट सैल स्थापित होेने पर यहां पर विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त करने में मदद मिलेगी। प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से विद्यार्थियों को प्लेसमेंट प्रदान करने के लिए विभिन्न कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा। इससे विश्वविद्यालय परिसर में एक ही छत के नीचे हजारों विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त करने में मदद मिल सकेगी। हालांकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में कई विभागों के अपने प्लेसमेंट सैल भी चल रहे हैं। इसमें यूआईआईटी, एमटीए, एचपीयूबीए आदि विभाग शामिल हैं। अब एचपीयू के जिन विभागों में अपने प्लेसमेंट सैल चल रहे हैं, वे हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सेंट्रल स्टूडेंट्स प्लेसमेंट सैल के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। इसके अलावा जिन विभागों में प्लेंसमेंट सैल नहीं है, उन विभागों के विद्यार्थियों को सेंट्रल स्टूडेंट्स प्लेसमेंट सैल स्थापित होने से मदद मिलेगी। बता दें कि बीते जनवरी माह में हुई कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में विश्वविद्यालय में करियर काउंसिलिंग, गाइडेंस, प्लेसमेंट सैल के लिए एक प्लेसमेंट अधिकारी, 2 कनिष्ठ सहायक की नियुक्ति को मंजूरी दे दी गई थी। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में सेंट्रल स्टूडेंट्स प्लेसमेंट सैल को क्रियाशील करने का मामला समस-समय पर उठता रहा है। विभिन्न छात्र संगठन भी समय-समय पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में सेंट्रल स्टूडेंट्स प्लेसमेंट सैल को क्रियाशील करने की मांग उठाते रहे हैं। इसके अलावा वर्ष 2017 के दिसंबर माह में भी इंटरनल क्वालिटी इंश्योरेंस सैल (आईक्यूएसी) की बैठक में यह मामला उठा था, जिसमें प्लेसमेंट सैल को पुर्नगठित करने को लेकर सदस्यों को सुझाव दिए थे और इसके बाद वर्ष 2018 में हुई बैठक में सेंंट्रल स्टूडेंट्स प्लेसमेंट सैल स्थापित करने को लेकर सहमति बनी थी। एचपीयू को यूजीसी ने भी प्लेसमेंट सैल को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए थे। यूजीसी ने एचपीयू को आदेश दिए थे कि वह देश व विदेशों की बड़ी कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित करे। गौर रहे कि अगर प्लेसमेंट सैल स्थापित होने के बाद बड़ी-बड़ी कंपनियां प्रदेश विश्वविद्यालय में आती हैं, तो इससे हिमाचल में बढ़ रही बेरोजगारी भी खत्म हो जाएगी। बता दें कि एचपीयू से हर साल हजारों छात्र अपनी डिग्री डिप्लोमा करने के बाद बेरोजगार होकर घरों में बैठते हैं। ऐसे में यूजीसी के निर्देशों के बाद एचपीयू अगर प्लेसमेंट सैल के माध्यम से युवाओं को फायदा पंहुचाता है, तो बड़ा फायदा इससे छात्रों को होगा।

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