कचरे के निपटारे को पंचायतों में कंपीटीशन

ऊना—ठोस व तरल कचरे का निपटारा सही ढंग से करने को लेकर खंड स्तर पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ऊना पंचायतों के बीच प्रतियोगिता करवा रहा है। इस प्रतियोगिता के अंतर्गत जिला की पंचायतों को 25 मई 2019 तक ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन का पूरा प्लान तैयार करना होगा। प्लान में बताना होगा कि वे अपनी-अपनी पंचायत में कचरे का प्रबंधन किस तरह से करेंगे। तैयार प्लान को चार जून 2019 तक संबंधित विकास खंड कार्यालय में जमा करवाना होगा। एक कमेटी इस तैयार किए गए प्लान की 14 जून 2019 तक जांच करेगी और इसके बाद पंचायतों को प्लान के अनुरूप कार्य करके दिखाना होगा। सबसे अच्छे तीन प्लान तैयार करने वाली पंचायतों के लिए पंद्रह जून को इनाम की घोषणा की जाएगी।

पंचायतों को इस तरह तैयार करना होगा प्लान

इस प्रतियोगिता में शामिल होने वाली पंचायत को बाह्य शौचमुक्त स्थिति को यथावत बनाए रखना होगा। हर घर के तरल कचरे के लिए गड्ढों का निर्माण करना होगा। गंदे पानी की नालियों की नियमित साफ-सफाई व गंदे पानी का ट्रीटमेंट करने के बाद ही नदी-नालों में निकासी की व्यवस्था करनी होगी। जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई, प्रवासी मज़दूरों के लिए उपयुक्त संख्या में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण व प्रत्येक सामुदायिक शौचालय के रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। गलने-सड़ने वाले कचरे की पारिवारिक स्तर पर केंचुआ खाद तैयार करना व सामुदायिक स्तर पर आवश्यता अनुसार कंपोस्ट मशीन द्वारा निपटारा करना होगा। प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा इकट्ठा करना तथा एक निश्चित स्थान पर कचरे की छंटाई तथा छंटाई के बाद कचरे का निपटारा करने का भी इंतजाम करना होगा। ठोस कचरे के लिए हॉट स्पॉट चिन्हित करना व ग्र्राम पंचायतों में सूचना पटों के माध्यम से स्वच्छता संदेश प्रदर्शित करना, स्वच्छता कमेटियों का गठन करना और उन्हें उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक होगा। इसके साथ-साथ कबाड़ियों का पंजीकरण, स्वच्छता आदेशों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाना तथा स्वच्छता योजना की नियमित समीक्षा भी की जानी चाहिए। इसके अलावा ग्राम पंचायतों के महिला मंडलों, युवक मंडलों, स्वयं सहायता समूहों, स्कूलों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग लेकर लोगों को जागरूक करना होगा।

क्या कहते हैं उपायुक्त

इस प्रतियोगिता के बारे में जिला ग्र्रामीण विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने बताया कि एनजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला की सभी ग्र्राम पंचायतों में ठोस व तरल कचरा प्रबंधन की कार्य योजना बनाई जानी है। ग्र्राम पंचायतों को प्लान तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं और खंड स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में सबसे अच्छे प्लान तैयार करने वाली पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा।

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