जहां भाजपा, वहां दलितों पर हो रहे हमले

शिमला —हिमाचल प्रदेश दलित शोषण मुक्ति मंच के आह्वान पर रविवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों व तहसील मुख्यालयों पर डा. भीम राव अंबेदकर की 128वीं जयंती पर कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन कार्यशालाओं में डा. भीम राव अंबेदकर द्वारा देश में छुआछूत जातपात और सामाजिक असमानताओं के विरूद्ध चलाए गए आंदोलनों पर प्रकाश डाला गया। उनके द्वारा रचित संविधान पर भी प्रकाश डाला गया। मंच के राज्य संयोजक जगत राम ने कहा कि डा. भीमराव अंबेदकर आज दलित समाज में देवताओं की तरह पूजनीय हैं। डा. भीमराव अंबेदकर ने अपनी पूरी जिंदगी दलित व महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया। महिलाओं को संपत्ति रखने के अधिकार के लिए महिला हिंदू कोड बिल लाया गया। डा. भीमराव अंबेदकर ने समाज में अंधविश्वास, पिछड़ी सोच और सामाजिक असमानता के खिलाफ लगातार संघर्ष किया। संविधान में महिला-पुरूषों को समान अधिकार दिया व दलितों, आदिवासियों, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षण का प्रावधान किया। दलित शोषण मुक्ति मंच ने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं वहां दलितों पर लगातार हमले हो रहे हैं। एससी/एसटी के लिए आरक्षण को खत्म करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक तरफ दिखावे के लिए भाजपा डा. भीमराव अंबेदकर की 128वीं जयंती मना रही है दूसरी तरफ डा. भीमराव अंबेदकर की देश में मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं। इससे भाजपा का दोहरा चरित्र सामने आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में दिन-प्रतिदिन दलितों पर हमले हो रहे हैं। उनकी हत्या की जा रही है। उन्हें मंदिरों में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। मिड डे मील योजना में बच्चों को अलग-अलग खाना दिया जा रहा हैं। यहां तक कि मृत्यु होने पर लाश को श्मशानघाट पर जलाने नहीं दिया जाता। इसके बावजूद सरकार आंख बंद कर बैठी है। आरोपियों के खिलाफ  कार्रवाई नहीं की जा रही है। केदार जिंदान की पत्नी से सरकार द्वारा किया वादा पूरा नहीं किया जा रहा है। नेरवा में रजत की हत्या पर सरकार कोर्ट में सही पक्ष नहीं रख पाई, जिससे आरोपी जमानत करवाने में सफल हो गए। सोलन जिला के रामशहर तहसील में दलित अध्यापक पर हमले में शामिल लोगों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दलितों पर हमला करने वालों को पूरी तरह संरक्षण दे रही है। दलित शोषण मुक्ति मंच ने मांग की है कि प्रदेश में छुआछूत व जाति उत्पीड़न को पूरी तरह समाप्त किया जाए। दलितों को सरकारी व निजी क्षेत्र में सभी प्रकार की भर्तियों में आरक्षण दिया जाए। दलितों पर हो रहे हमलों को रोका जाए व हमला करने वालों को सख्त सजा दिलवाई जाए। केदार सिंह जिंदान की पत्नी को सहायता देने की घोषणा को तुरंत पूरा किया जाए। सरकारी स्कूलों में मिड डे मील योजना में छुआछूत को खत्म किया जाए। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ  कठोर कार्रवाई की जाए। डा. भीमराव अंबेदकर की 128वीं जयंती पर शिमला में वाईडब्ल्यूसीए में कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें शिमला के पूर्व उपमहापौर टिकेंद्र सिंह पंवर, दलित शोषण मुक्ति मंच के राज्य संयोजक जगत राम ने दलितों की समस्या व डा. भीमराव अंबेदकर के जीवन पर प्रकाश डाला। इसमें रविदास सभा के कर्मचंद भाटिया, अंबेदकर सोसायटी के प्रीतपाल मट्टु व दलित शोषण मुक्ति मंच शिमला शहर के संयोजक विवेक कश्यप, राकेश कुमार, सोनिया शभ्रवाल, कलावती व धर्म सिंह पदाधिकारियों ने भाग लिया।

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