जिंदा जली तीन साल की मासूम

टाहलीवाल —हरोली के गांव बाथड़ी में प्रवासी मजदूरों की 50 झुग्गियां जलकर राख हो गई हैं। भीषण आग की चपेट में आने से करीब तीन वर्षीय मासूम की जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि दो व्यक्ति बुरी तरह झुलस गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सूचना मिलने पर टाहलीवाल व ऊना के अग्निशमन दलबल ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। आग से करीब 15 लाख का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। काल का ग्रास बनी मासूम की पहचान संध्या (3) पुत्री कुंदनदास निवासी बिहार के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर अचानक ही बाथड़ी में प्रवासी मजदूरों की झुग्गियों को आग लग गई। देखते ही देखते आग ने प्रचंड रूप धारण कर लिया और आग इतनी भीषण थी कि प्रवासी मजदूर अपनी झुग्गियों में पड़ा घरेलू सामान भी नहीं बचा पाए। प्रचंड आग की लपटों में आने से तीन वर्षीय जिंदा जल गई, जिससे उसकी मौत हो गई। आग बुझाने के लिए विकास व नानको मैहतो निवासी बिहार आग बुझाने के लिए दौड़े, लेकिन विकराल आग के आगे बेबस हो गए। इस दौरान आग बुझाने का प्रयास करते समय दोनों झुलस गए। वहीं आग से प्रवासी मजदूरों की करीब 50 झुग्गियां जलकर राख हो गई हैं। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड ने आग पर नियंत्रण पा लिया और साथ लगते उद्योग को आग की चपेट में आने से बचा लिया। प्रशासनिक तौर पर मौके पर एसडीएम हरोली गौरव चौधरी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने नुकसान का आकलन करना शुरू कर दिया है, जिसके अनुसार मौके पर करीब 35 झुग्गियों के मालिकों के नाम व पते सामने आए हैं, जबकि अन्य 15 झुग्गियों के मालिक मौके पर नहीं मिले। अग्निशमन फायर पोस्ट टाहलीवाल के कार्यकारी अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि आग से करीब 15 लाख के नुकसान का अनुमान है। इस घटना से एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि दो व्यक्ति झुलस गए हैं।

 

 

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