टाहलीवाल को डराने लगी आग

लगातार बढ़ने लगे अग्निकांड के मामले, एक माह में दो बड़े हादसों से दहशत में लोग

ऊना—आग की दृष्टि से अतिसंवेदनशील टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र इन दिनों आग के निशाने पर हंै। आग से टाहलीवाल के क्षेत्र में एक ही माह में दो बड़े अग्निकांड हो चुके हैं। सोमवार को बाथड़ी में प्रवासी मजदूरों की झुग्गियों में लगी आग से एक दूधमुंही बच्ची जिंदा जल गई है। जबकि इस घटना में दो प्रवासी विकास व नानकों भी झुलस गए हैं। आग के टारगेट पर इस क्षेत्र में घटनाएं बढ़ रही हैं। इसी महीने ही औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल के अंतर्गत पड़ते बेला-बाथड़ी में न्यासा उद्योग का प्लांट भी जलकर राख हो गया था। जिससे करीब 15 करोड़ का नुकसान आंका गया था। अब फिर से बाथड़ी में जिला की दूसरी आगजनी की घटना हुई है। जिसमें प्रवासी मजदूरों की करीब 50 झुग्गियां जलकर राख हो गई हैं। इस आग से भी पीडि़तों का करीब 15 लाख का नुकसान आंका गया है। आगजनी की घटना से प्रवासी बेघर हो गए हैं। आग के समय काम के सिलसिले में प्रवासी मेहनत मजदूरी करने गए हुए थे कि प्रचंड आग ने इनकी झुग्गियों को पल भर में राख कर डाला। बच्ची की मौत के बाद प्रवासी मजदूरों में मातम का माहौल रहा। कुंदनदास ने कहा कि उन्हें अफसोस इस बात का है कि वे अपनी बेटी संध्या को जिंदा नहीं बचा पाए। प्रदेश उद्योग विकास निगम के उपाध्यक्ष प्रो. रामकुमार ने भी पीडि़तों को ढाढस बंधाया है और बच्ची की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उधर, एसडीएम हरोली गौरव चौधरी ने मृतक बच्ची के परिजनों को दस हजार रुपए की फौरी सहायता दी है। वहीं प्रशासन की ओर से अग्नि पीडि़त मजदूरों की रिहायश का एक स्थानीय उद्योग में रहने व खाने का इंतजाम किया है।

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