प्रदेश के 140 कालेजों में एक शेड्यूल

शिक्षा विभाग ने तैयार किया वार्षिक कैलेंडर; चुनावों के बाद सीएम जयराम, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज करेंगे जारी

 शिमला  —प्रदेश के कालेजों में अब वार्षिक कैलेंडर के  तहत परीक्षाओं से जुड़े सभी कार्य होंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के 140 कालेजों के लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार किया है। इस कैलेंडर को राज्य सरकार को भेजा गया है। आचार संहिता खत्म होने के  बाद मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री इस कैलेंडर को जारी करेंगे। राज्य सरकार द्वारा कैलेंडर जारी होने के बाद कालेज की हर गतिविधि तय समय पर ही करवानी होगी। बता दें कि शिक्षा विभाग ने कालेज के शिक्षाविदों के सुझाव लेने के बाद साल भर का वार्षिक प्लान तैयार किया है। इस वार्षिक कैलेंडर में कालेज में होने वाले अवकाश व कक्षाओं का समय भी तय किया गया है। खास बात यह है कि कालेजों में शिक्षा व्यवस्था इसी साल से वार्षिक कैलेंडर के जरिए शुरू हो जाएगी। वहीं सत्र शुरू होते ही साल भर की छुट्टियों व कक्षाओं के बारे में भी जानकारी मिल सकेंगी। गौर हो कि एचपीयू ने भी इसी वर्ष अपना वार्षिक कैलेंडर जारी किया है। एचपीयू में भी छात्रों को शुरू में ही प्रवेश परीक्षाओं से लेकर फाइनल परीक्षाओं की जानकारी वार्षिक कैलेंडर के जरिए मिल रही है। लिहाजा शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कालेज में पढ़ने वाले छात्र ऑनलाइन भी वार्षिक कैलेंडर को देख पाएंगे। विभाग के अधिकारी कालेज के वार्षिंक कैलेंडर को ऑनलाइन डालने का भी प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए शिक्षा विभाग आईटी सैल से जल्द बैठक आयोजित करेगा। वहीं आईटी सैल के अधिकारी ऑनलाइन लिंक वार्षिक कैलेंडर को लेकर बनाएंगे। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कालेज जाने वाले छात्र लिंक पर एक क्लिक करने के बाद दाखिले की तारीख और कक्षाओं का पता कर पाएंगे। बता दें कि कालेज के वार्षिक कैलेंडर में विषय वाइज नए सत्र में दाखिले और मैरिट की शर्तों को बताया जाएगा। शिक्षा विभाग का दावा है कि इससे कालेजों पर नजर रखना भी आसान होगा। इसके साथ कालेज प्रबंधन को भी परीक्षाओं के समय ज्यादा काम नहीं होगा। आचार संहिता के बाद जब कालेज के वार्षिंक कैलेंडर को जारी किया जाएगा, तो उसके बाद कालेज प्रबंधन को वार्षिक कैलेंडर की एक कापी कैंपस के नोटिस बोर्ड पर भी हमेशा लगानी होगी।

जुलाई में नए सत्र से पहले कैलेंडर

जुलाई में कालेज में नया सत्र शुरू होने से पहले शिक्षा विभाग कालेज में वार्षिक कैलेंडर पहुंचा देगा। खास बात यह है कि वार्षिक कैलेंडर जारी होने के बाद अगर किसी कालेज में कक्षाएं व अवकाश अपनी मर्जी से करवाए गए, तो ऐसे में विभाग उक्त कालेज के प्रधानाचार्यों से जवाबदेही भी लेगा। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पहली बार कालेजों के लिए वार्षिक कैलेंडर जारी कर रहा है। विभाग का तर्क है कि इससे छात्रों को साल भर की हर गतिविधि के बारे में कोई भी उलझन नहीं रहेगी।

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