फोरलेन के बीचोंबीच लग रहे चौके-छक्के

कसौली—कालका-शिमला फोरलेन बीते पांच वर्षों से सुर्खियों में है। कभी ट्रैफिक जाम, कभी अनावश्यक भू-स्खलन तो कभी हाइकोर्ट की फटकार के लिए। ताजा मामले में फोरलेन एक दफा चर्चा में है। दरअसल, जाबली के समीप फोरलेन को बच्चों ने किक्रेट का मैदान बना लिया है। यहां अकसर बच्चों को बीच फोरलेन पर चौके-छक्के लगाते हुए देखा जा सकता है। चिंता की बात यह है कि फोरलेन पर हर वक्त भारी ट्रैफिक रहता है और किक्रेट खेल रहे बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। हैरत की बात है कि इस और न तो फोरलेन निर्माता कंपनी और न ही स्थानीय प्रशासन कोई ठोस कदम उठा रहा है। यहां प्रश्न यह उठता है कि यदि भविष्य में कोई अनहोनी होती है तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी। दूसरी ओर पूरे फोरलेन पर कहीं भी इस प्रकार को नोटिस बोर्ड नहीं लगाया गया कि निर्माणाधीन फोरलेन के बीचोंबीच खेलना सख्त बना है। कुल मिलाकर हिमाचल के भाग्य रेखा मानी जा रही शिमला-परवाणू फोरलेन अब क्रिकेट प्रेमियों के भविष्य की तकदीर बनाने का काम कर रही है।  गौर रहे कि फोरलेन के निर्माण का काम चार साल में भी अधूरा है। काम भले ही अधूरा है, पर सड़क किनारे बसे लोगों के लिए यह क्रिकेट का मजा पूरा दे रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-पांच पर साल 2014 से फोरलेन के निर्माण का काम परवाणू से सोलन के बीच लगातार जारी है। निर्माता कंपनी ग्रिल को यह कार्य अढ़ाई साल में पूरा करना था। जिस पर एनएचएआई की ओर से कंपनी को दो दफा रियायत देते हुए निर्माण की अवधि को भी बढ़ाया गया। फिर भी कंपनी चार साल में तय समय सीमा में इस काम को पूरा नहीं कर पाई है। जिसका फायदा अब फोरलेन के साथ रहने वाले युवाओं द्वारा बंद पड़ी सड़क पर क्रिकेट खेलकर उठाया जा रहा है। सड़क पर एक ओर जहां गाडि़यां सरपट दौड़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर बंद सड़क पर बच्चों द्वारा क्रिकेट का लुत्फ उठाया जा रहा है। परवाणू से सोलन तक कई जगहों पर यह सड़क वाहनों की अवैध पार्किंग का अड्डा भी बनी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि साल 2020 तक जरूर इसे पूरा कर लिया जाए। जिसके बाद सोलन से परवाणू के बीच की दूरी का सफर मात्र 30 मिनट में पूरा हो पाएगा। मौजूदा समय में यह सफर एक घंटा 20 मिनट का है, अगर जाम से न जूझना पड़े। फोटो को जाबली से लिया गया है। जहां बच्चे इस बात से बेहद खुश हैं कि उन्हें फोरलेन निर्माण के कारण एक बेहतर क्रिकेटिंग पिच खेलने को मिली है। क्षेत्र में कोई मैदान न होने से बच्चे सड़क पर दिनभर क्रिकेट खेलकर अपना मनोरंजन कर रहे हैं। स्थानीय युवक अमित, चिराग, लक्ष्य ने कहा कि फोरलेन ने उनके मन की मुराद को पूरा किया है। आज तक वह खेलने के लिए सही जगह न होने से परेशान थे। जिसे फोरलेन के काम ने दूर कर दिया है।

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