बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में करियर

सभी छात्र ग्रेजुएशन करने के बाद सोचते हैं कि उन्हें आगे किस फील्ड में अपना करियर बनाना है। उनमें कुछ छात्र ग्रेजुएशन के बाद एमबीए करने की भी सोचते हैं। यह कोर्स एक स्नातकोत्तर की डिग्री होती है जिसकी अवधि दो साल होती है। एमबीए के मुख्य पाठ्यक्रम के अंतर्गत व्यवसाय विश्लेषण के विभिन्न क्षेत्रों जैसे लेखांकन, वित्त, विपणन, मानव संसाधन और संचालन को प्रबंधन विश्लेषण और रणनीति आदि आते हैं। यह कोर्स व्यापार अवधारणाओं में एक मजबूत सैद्धांतिक आधार प्रदान करता है…

एमबीए के बाद जॉब्स और करियर के अवसर

हरेक इच्छुक मैनेजमेंट प्रोफेशनल को इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए कि एडमिनिस्ट्रेटिव स्किल्स विकास के लिए सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, एक एमबीए ग्रेजुएट होने के नाते आपको उपलब्ध रिसोर्सेज का बेहतरीन इस्तेमाल करना आना चाहिए ताकि संबद्ध बिजनेस का तीव्र विकास हो सके। एक तरफ  तो आपको किसी भी कंपनी के विभिन्न आस्पेक्ट्स जैसे कि, एकाउंटिंग, फाइनेंस, मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी आदि को हैंडल करना आना चाहिए और दूसरी तरफ, आप विशिष्ट पीपल मैनेजमेंट स्किल्स के साथ ही महत्त्वपूर्ण स्ट्रेटेजिक निर्णय लेने में माहिर हों।

योग्यता

* एमबीए में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार को किसी भी विषय से ग्रेजुएट होना आवश्यक है।

* सामान्य वर्ग के उम्मीदवार के ग्रेजुएशन में 50 प्रतिशत अंक और एससी/एसटी के उम्मीदवार के 45 प्रतिशत  अंक होने चाहिए।

* कुछ विश्वविद्यालय  संस्थान एमबीए में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा करवाते हैं।

* छात्रों का चयन प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होता है।

एमबीए (मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन)

बीबीए की डिग्री प्राप्त करने के बाद सबसे कॉमन और सबसे पसंदीदा कोर्स एमबीए (मास्टर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन) है। इस डिग्री को प्राप्त करने के बाद न केवल आपको एक सम्मानजनक मैनेजमेंट पोजीशन के साथ आकर्षक वेतन ही मिलता है बल्कि आप अपने बॉस खुद बन सकते हैं। एमबीए की समयावधि 2 वर्ष की होती है और आपको टॉप एमबीए कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए सीएटी, एक्सएटी, एसएनएपी और एमएएचसीईटी जैसे एंट्रेंस एग्जाम्स पास करने होते हैं। एमबीए कोर्सेज में मार्केटिंग, फाइनेंस, एचआर और इंटरनेशनल ट्रेड में कई स्पेशलाइजेशन कोर्सेज शामिल हैं जो आप अपनी रूचि और कौशल सेट के अनुसार चुन सकते है।

सैलरी

एमबीए करने के बाद आप विभिन्न क्षेत्रों में जाते हैं और हर क्षेत्र में आपकी सैलरी भिन्न होती है और आपकी सैलरी कंपनी पर भी निर्भर करती है कि आप किस कंपनी में और किस प्रोफाइल में काम कर रहे हैं।  शुरुआत में सैलरी 30,000 से 50,000 हो सकती है और अनुभव के बाद इस क्षेत्र में सैलरी 70,000 या इससे अधिक भी हो सकती है।

भारत में कुछ टॉप एमबीए कॉलेज

आईआईएमज (इंडियन इंस्ट्च्यिट ऑफ) मैनेजमेंट, एफएमएसए आईआईएफटी, जेबीआईएमएस, एमडीआई गुड़गांव, आईएमटी गाजियाबाद, एमआईसी, अहमदाबाद और एक्सएलआरआई जमशेदपुर हैं। सुलनी यूनवर्सिटी हिमाचल प्रदेश , एनआईटी हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश)

पीजीडीएम (मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा)

पीजीडीएम (मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा) एमबीए का वैकल्पिक ऑप्शन है। यद्यपि, एमबीए और पीजीडीएम कोर्सेज के बीच कोई ज्यादा फर्क नहीं है। एमबीए यूनिवर्सिटीज द्वारा ऑफर किया जाने वाला एक डिग्री कोर्स है जबकि, पीजीडीएम विभिन्न ऑटोनोमस इंस्टिच्यूशंस द्वारा ऑफर किया जाने वाल डिप्लोमा कोर्स है। कई कॉलेज 1 वर्ष के पीजीडीएम कोर्सेज भी ऑफर करते हैं। आईआईएमज और एक्सएलआरआईज में एडमिशन लेना वास्तव में काफी मुश्किल होता है इसलिए स्टूडेंट्स मिड लेवल एमबीए कॉलेजों द्वारा ऑफर किए जाने वाले पीजीडीएम कोर्सेज कर सकते हैं। पीजीडीएम कोर्सेज का भी काफी बढि़या करिकुलम स्ट्रक्चर होता है और जॉब्स देते समय कई कंपनियां इन कोर्सेज को महत्त्व देती हैं।

फाइनांस में एमबीए

फाइनांस में एमबीए की विशेषज्ञता बहुमूल्य साबित हो सकती है। यह एक करियर क्षेत्र है,  जिसकी आवश्यकता गणित, अर्थशास्त्र और वित्तीय सिद्धांत में कौशल प्राप्त करने की होती है, जिनमें से सभी वित्त (फाइनेंस) डिग्री, विशेषज्ञता या ट्रैक में बहुत विस्तार से शामिल हैं। वित्त (फाइनेंस) में एमबीए प्रबंधन वर्गों के साथ गणितीय कठोरता को संतुलित करता है और वित्त (फाइनेंस) में नौकरियों की दिशा में अपना करियर निर्देशित करने का एक अच्छा तरीका हो सकता है।

स्वास्थ्य प्रबंधन में एमबीए

स्वास्थ्य प्रबंधन में मास्टर ऑफ  बिजनेस एमबीए में छात्र स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं में संचालन और सेवाओं की देखरेख के बारे में सीखते हैं। एमबीए छात्रों को इस एकाग्रता का पीछा व्यापार, विपणन, वित्त और प्रभावी प्रबंधन के सिद्धांतों का पता लगाने के रूप में वे यूएस स्वास्थ्य सेवा प्रणाली से संबंधित हैं।

मानव संसाधन विभाग

किसी भी संगठन के लिए मानव संसाधन विभाग की जिम्मेदारी बहुत जरूरी है। एचआर विभाग कर्मचारियों की जरूरतों को चुनने, किराया, ट्रेन और पूरा करने के लिए जिम्मेदार है। इसलिए, एचआर विभाग को लोगों के प्रबंधन में अच्छा होना चाहिए, संचार में प्रभावी होना चाहिए और कर्मचारियों के साथ अच्छा संबंध होना चाहिए।

मार्केटिग

विपणन में एमबीए, उन्नत व्यावसायिक रणनीतियों, कॉर्पोरेट प्रबंधन, मानव संसाधन और वित्त के पारंपरिक एमबीए कोर्स के अतिरिक्त उपभोक्ता व्यवहार, ब्रांड और उत्पाद प्रबंधन, पदोन्नति प्रबंधन और बिक्री रणनीतियों में विशेष शिक्षा प्रदान करता है।

एमबीए के बाद प्राइवेट सेक्टर जॉब्स

प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों में काफी कॉम्पीटीशन होता है और आपको अपने क्विक प्रॉब्लम सॉल्विंग और निर्णय लेने के स्किल्स के साथ रोजाना मार्केट की चुनौतियों का सामना करना होगा। इसके अलावा, प्राइवेट कंपनियां मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स को काफी अच्छे सैलरी पैकेज ऑफर करती हैं। एमबीए ग्रेजुएट्स के लिए कुछ बढि़या इंडस्ट्रीज के नाम इस प्रकार हैं

* एडवरटाइजिंग

* एविएशन

* बैंकिंग

* कंसल्टेंसी

* डिजिटल मार्केटिंग

* एंटरटेनमेंट

* फाइनेंस

* इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी)

* इंश्योरेंस

* मीडिया

* ऑफलाइन मार्केटिंग

*  मैन्युफैक्चरिंग

तरक्की पर निर्भर करती है आय

मदन गुलेरिया, कोआर्डिनेटर एमबीए विभाग, धर्मशाला

एमबीए में करियर संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने मदन गुलेरिया से बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश.

एमबीए में करियर के लिहाज से क्या स्कोप हैं ?

एमबीए की शिक्षा ग्रहण करने के बाद युवाओं को करियर बनाने के लिए बहुत अधिक स्कोप हैं, वर्तमान में एमबीए की डिमांड प्राइबेट सेक्टर के साथ-साथ सरकारी संस्थानों में भी बढ़ी है।

इस क्षेत्र में करियर के लिए आरंभिक शिक्षा किन विषयों में जरूरी है ?

एमबीए की शिक्षा ग्रहण करने के लिए आवेदक का किसी भी संकाय में स्नातक होना जरूरी है, इसके लिए किसी विशेष विषय को पढ़ने की जरूरत नहीं होती है।

चयन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दें?

प्रदेश में एचपीयू व एचपीटीयू दोनों ही विवि प्रवेश परीक्षा का आयोजन करते हैं। जिसके बाद मैरिट के आधार पर प्रदेश में सीटों का आबंटन होता है व देश भर में भी प्रवेश परीक्षा उर्तीण कर मैरिट के आधार पर ही दाखिला मिलता है।

एमबीए करने के लिए +2 में कितने प्रतिशत अंक चाहिए?

एमबीए के लिए विशेष रूप से +2 कक्षा के अंकों का कोई विशेष महत्त्व नहीं है। क्योंकि इसके लिए न्यूनतम शिक्षा स्नातक निर्धारित की गई है, लेकिन यह सही है कि मैरिट सभी कक्षाओं के अंकों के  आधार पर ही नंबर दिए जाते हैं।

आरंभिक आय इस क्षेत्र में कितनी होती है?

वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के कालेजों से कैंपस साक्षात्कार के दौरान छात्रों को 2.20 लाख से पांच लाख तक सालाना पैंकज मिल रहे हैं। जिसके बाद काम के आधार पर बढ़ौतरी होती रहती है।

रोजगार के अवसर किन क्षेत्रों में उपलब्ध हैं?

एमबीए की शिक्षा प्राप्त करने के बाद रोजगार की कमी नहीं है। प्राईवेट सेक्टर, सरकारी, बैंकिंग, शैक्षिणक संस्थानों सहित अब अस्पतालों का प्रबंधन भी एमबीए ही कर रहे हैं।

हिमाचल में एमबीए से संबंधी प्रमुख संस्थान कौन-कौन से हैं?

प्रदेश में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कैंपस व कालेज, हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय कैंपस व कालेजों में  मुख्य रूप से एमबीए कोर्स चल रहा है। इसी तरह प्रदेश में कुछेक निजी संस्थान भी बेहतरीन रिजल्ट दे रहे हैं।

इस करियर को अपनाने वाले युवाओं को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?

इस क्षेत्र में तेज तरार युवा ही आगे बढ़ पाते हैं क्योंकि इस क्षेत्र में आप के कार्य का आंकलन हर रोज, मासिक व वार्षिक होता है। जो जितना बेहतर  रिजल्ट देता है उसकी तरक्की उतनी ही जल्दी होती है। 

जो युवा इस फील्ड में पदार्पण करना चाहते हैं, उनके लिए कोई प्रेरणा संदेश दें?

एमबीए के क्षेत्र में करियर चुनने वाले छात्रों को प्रबंधन में रूचि होनी चाहिए। टॉप मैनेजमेंट में बैठकर आपको संस्थान हित में कार्य करना होता है। इसमें मार्किंटग फील्ड में भी कार्य करवाने व कार्य करने की क्षमता होना जरूरी है। एमबीए में आपार संभावनाएं है लेकिन आपकी तरक्की आपकी मेहनत पर निर्भर करती है।      

-नितिन राव , धर्मशाला

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