मुश्किल…संजौली से ढली तक डगर कठिन

शिमला—स्मार्ट सिटी शिमला में पहले कोई काम शुरू नहीं होता है, और अगर जनता की मांग पर कार्य किया भी जाता है, तो उससे भी जनता को ही परेशानी होती है। दरअसल राजधानी के उपनगर संजौली चौक पर खराब हुई सड़क का मरम्मत कार्य सथानीय लोगों की मांग पर प्रशासन ने शुरू तो करवाया, लेकिन इन दिनों इस कार्य को उस समय किया जा रहा है, जब स्कूली बच्चे और लोगों को सुबह ऑफिस पहुंचना होता है। हैरानी तो इस बात की है कि उसके बाद भी जनता की परेशानी को कम नहीं किया गया, बल्कि शाम को भी उसी समय चौक पर टायले लगाने का कार्य चला हुआ है, जब लोगों का घर को जाने का समय होता है। पिछले एक हफ्ते से ज्यादा समय हो गया है, लोगों को रात के अंधेरे में पैदल चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। उधर, चौक पर काम चलने की वजह से निजी बस चालकों ने भी परेशान होकर अपनी मर्जी से बसों को ढली ले जाना बंद कर दिया है। अहम यह है कि आठ बजे के बाद ढली के लिए सरकारी बस तक आगे नहीं भेजी जा रही है। संजौली से पीछे से ही बस को मोड़कर पुराना अड्डा ले जाया जा रही है। एक हफ्ते पहले से चले इस कार्य की वजह से लोग इतने परेशान हो रहे हैं कि इसे प्रशासन की अव्यवस्था करार दे रहे है। वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिला प्रशासन और नगर निगम भी इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है। लोक निर्माण विभाग की मनमाने ढंग से किए जा रहे कायांर्े को भी नहीं रोका जा रहा है। दरअसल जिला उपायुक्त ने शिमला के लोक निर्माण को रात को चार घंटे टायले लगाने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही यह भी कहा था कि स्कूली छात्रों और स्थानीय लोगों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए दिन व सुबह के समय सड़कांे पर कोई भी काम न करवाया जाए। बावजूद इसके लोक निर्माण विभाग द्वारा अपनी मर्जी से सुबह-शाम ढली से संजौली का टै्रफिक बंद करने के बाद वहां पर काम चलाया जा रहा है। संजौली सड़क पर निर्माण कार्य का सामान ऐसे ही सड़कांे पर पड़ा हुआ है। इस वजह से भी बाइपास से जाने वाली बसों व गाडि़यों की वजह से भी लंबा जाम सड़कों पर लग रहा है।

छुट्टी से पहले रात को होगा टाइलें लगाने का कार्य

वहीं, इस मामले पर जब बुधवार को उपायुक्त राजेश्वर भत्ता से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि लोक निर्माण ने पांच दिन में काम क्यों पूरा नहीं किया, इसकी जवाबदेही ली जाएगी। उन्होंने कहा कि अब निर्देश जारी किए गए हंै कि छुट्टी से पहली रात को चार घंटे टाइलों का काम किया जाए। उपायुक्त ने साफ किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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