मैं दो ‌‌‌‌ स्क्रिप्ट लिख रहा हूं  दर्शन कुमार

बायोपिक फिल्म ‘मैरी कॉम’ से बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने वाले अभिनेता दर्शन कुमार एक और बायोपिक फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ में अपनी अहम भूमिका को लेकर काफी चर्चा में हैं। बता दें कि दर्शन कुमार इससे पहले फिल्म ‘एनएच10,’  सरबजीतः जेंटलमैन’ और ‘बागी 2’ जैसी फिल्मों मे नजर आ चुके हैं । उनके साथ हाल ही में हुई  बातचीत के मुख्य अंश पेश हैं…

पीएम नरेंद्र मोदी बायोपिक फिल्म में काम कर के कैसा महसूस करते हैं?

आज के टाइम में देखा जाए तो स्टोरी ही फिल्म की हीरो है उमंग कुमार जी ने बताया कि वह हमारे देश के प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी जी पर फिल्म बना रहे हैं तो उनसे इंस्पायरिंग बात क्या हो नहीं सकती है। लोगों को इंस्पायरिंग करेंगी और उनकी जो जर्नी वे बहुत कमाल की है जैसे ही मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी और उनकी जर्नी के बारे में जाना, उनके रास्तों में कितनी रुकावटें आईं फिर भी उन्होंने उन्हें अवॉर्ड किया। एक चाय वाले से लेकर देश के प्राइम मिनिस्टर की जर्नी हो तो मुझे इस फिल्म का हिस्सा होना चाहिए।

हर अभिनेता चाहता है कि पीएम मोदी की बायोपिक वह करे, खासकर आपने इस फिल्म से क्या सीखा?

जैसे मैंने बताया, वैसे यह मेरी थर्ड बायोपिक फिल्म है इससे पहले भी मैं दो बायोपिक फिल्म कर चुका हूं  और उमंग सर के साथ यह मेरी तीसरी बायोपिक फिल्म है और नरेंद्र मोदी जी के जर्नी से मैंने यह सीखा है कि आपका विजन बहुत बड़ा है और आप मेहनत करते हैं और कुछ अचीव करना चाहते हं,ै तो आप कुछ भी अचीव कर सकते हो, बस उसके लिए डेडीकेशन होना चाहिए।

यह फिल्म मिलने पर आपका क्या रिएक्शन था?

उमंग सर से पहले मेरी फोन पर बात हुई उसके बाद में उनसे मिला। बाद में मेरे कैरेक्टर के बारे में उन्होंने मुझे नरेशन दिया। फिर उन्होंने मुझे स्क्रिप्ट पढ़ने के लिए दिया स्टोरी इतनी इंटरेस्टिंग थी के बिना रूके में पूरी स्क्रिप्ट पढ़ गया। मैं एक्साइटिड था कि मैं लोगों को इंस्पायरिंग करने वाली फिल्म का हिस्सा बनू।

इस फिल्म के लिए आपको सबसे अच्छी प्रशंसा क्या मिली?

मेरा डायलॉग प्रोमो है वे प्रोमो देखते ही लोगों ने कहा एटीट्यूड से हर तरह से पत्रकार लग रहे हो। एक एक्टर के लिए वही सबसे बड़ी जीत होती है, मेरे डायलॉग प्रोमो से ही लोगों की ओर से काफी बड़ी प्रशंसा मिल रही है मैं आप लोगों का कैरेक्टर प्ले कर रहा हूं अगर आपको यह फिल्म पसंद आई तो मेरे लिए इससे बड़ी सौभाग्य की बात क्या होगी।

किरदार निभाकर एक पत्रकार का काम कितना मुश्किल लगा?

हर बार पत्रकारों से रू-ब-रू होता रहा हूं, लेकिन जब आप एक कैरेक्टर को जीते हो और उसके बारे में काम करते हो, तो समझ में आता है कि आप लोगों को कितनी मेहनत करनी पड़ती है वह सब जानने के बाद मैं पत्रकार को सेल्यूट करता हूं, क्योंकि आप एक सच्चाई को सामने लाने के लिए कितनी मेहनत करते हैं। आप बिलकुल निडर हैं, मैं अपने आपको सौभाग्य मानता हूं कि मुझे इतनी जल्दी एक पत्रकार का किरदार निभाने को मिला।

आपके करियर की सबसे बड़ी चुनौती क्या थी?

मेरे लिए हर दिन चुनौतियां रही हैं हर एक्टर के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है अच्छी स्क्रिप्ट मिलना और अच्छा रोल मिलना, जिस तरह का रोल करना चाहता है उसी तरह का काम उसे मिले। इतने बड़े शहर में हम आए हैं और सर्वाइवर कैसे हो काम कैसे मिले, हर नए एक्टर को उस डाइरेक्शन का पता नहीं होता उसके लिए थोड़ा पे करना पड़ता है उसके बाद डे बाय डे वह अपनी गलतियों से सीखता है, लेकिन यहां अगर गाइडेंस मिल जाए तो वह बहुत ही कमाल की चीज होती है। आदमी हार्डवर्क करता है, लेकिन किस डाइरेक्शन में करता है वह समझ में आना जरूरी है और मैंने काफी थिएटर किए और मुझे एक्टिंग का ज्ञान था और काफी अच्छा काम मिले। तो उसके लिए मुझे काफी पेशंस रखना पड़ा। मुझे बहुत सारी फिल्में ऑफर हो रही थीं, लेकिन मुझे लिड रोल और अच्छा रोल करना था। न कहना भी आसान नहीं था क्योंकि आपको पैसों की जरूरत होती है। और अगर आप पैसों के लिए काम करना चाहते हो तो उस तरह का काम मिलेगा जो आप नहीं करना चाहते।

अभी तक की फिल्मों में आपने जितने भी किरदार निभाए हैं उनमें से कौन सा किरदार है जो आपकी रियल लाइफ  से मैच करता है?

रियल लाइफ  पर अभी तक कोई किरदार मिला नहीं, लेकिन मैं कोशिश करता हूं कि कुछ अलग-अलग किरदार कर सकूं कैरेक्टर करने का मजा कुछ अलग होता है, लेकिन अभी तक कोई ऐसा किरदार नहीं आया जो मेरे आसपास हो। हां मैं थोड़ा केयरिंग हूं और थोड़ा इमोशन हूं जिस तरह का कैरेक्टर है  वह कैरेक्टर बनना चाहता हूं न कि मैं फिल्मों में दर्शन लगूं।

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