मोदी की संपत्ति 2.51 करोड़

वाराणसी से भरा पर्चा, पिछले पांच साल में 50 फीसदी के करीब बढ़ी प्रापर्टी

वाराणसी-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वाराणसी से अपना नामांकन भरा। यहां अंतिम चरण में 19 मई को वोटिंग होनी है। प्रधानमंत्री ने चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में अपनी कुल संपत्ति 2.51 करोड़ रुपए की बताई है। हलफनामे के मुताबिक पिछले पांच साल में मोदी की संपत्ति में करीब 50 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। घर के दाम में 10 लाख की बढ़ोतरी भी दिखाई गई, पर सोने की अंगूठियों के दाम पिछली बार से कम दिखाए गए हैं। हलफनामे के मुताबिक मोदी की कुल चल-अचल संपत्ति 25136119 रुपए है, जबकि 2014 में दिए हलफनामे के अनुसार उनकी कुल चल-अचल संपत्ति 16591582 थी। मोदी के सेविंग बैंक अकाउंट में 4143 रुपए कैश बैलेंस है। पीएम मोदी ने 2014 में गांधीनगर स्थित घर की कीमत एक करोड़ रुपए बताई थी। इस बार हलफनामे में इस मकान की कीमत 1.10 करोड़ रुपए हो गई है। हलफनामे के मुताबिक प्रधानमंत्री के पास चार सोने की अंगूठियां हैं, जिनका वजन 45 ग्राम और कीमत 1.13 लाख रुपए है। 2014 में इन अंगूठियों की कीमत 1.35 लाख रुपए बताई थी। 1.27 करोड़ रुपए के फिक्स्ड डिपॉजिट्स और 38750 रुपए कैश शामिल हैं। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री ने टैक्स सेविंग इन्फ्रा बांड्स में 20000 रुपए का निवेश भी किया है। वहीं, दूसरी ओर इसके अलावा राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएसई) में 7.61 लाख रुपए और एलआईसी पॉलिसीज में 1.9 लाख रुपए लगाए हैं।

जशोदाबेन जीवनसंगिनी

हलफनामे में पीएम मोदी ने जशोदाबेन को अपनी पत्नी बताया है। पीएम ने इस बात की घोषणा की है कि उन्होंने 1983 में गुजरात यूनिवर्सिटी से एमए की डिग्री हासिल की है। हलफनामे के मुताबिक वह दिल्ली विश्वविद्यालय (1978) से आर्ट्स ग्रेजुएट हैं। उन्होंने 1967 में गुजरात बोर्ड से एसएससी परीक्षा पास की थी।

हलफनामे में पत्नी की आय का ब्योरा नहीं

आय के अपने स्रोतों में मोदी ने सरकार से सैलरी और बैंक से ब्याज का जिक्र किया है। उनकी पत्नी की आय के स्रोत के स्थान पर ज्ञात नहीं लिखा गया है। उनका पेशा या व्यवसाय भी ज्ञात नहीं के तौर पर दर्ज किया गया है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि उनके खिलाफ न तो कोई आपराधिक मामला पेंडिंग है और न ही कोई सरकारी बकाया।

बादल और बुजुर्ग महिला के छुए पैर

पर्चा भरने से पहले मोदी का एक अलग अंदाज देखने का मिला। उन्होंने अकाली दल के वयोवृद्ध नेता प्रकाश सिंह बादल के पैर छुए। इसके बाद उन्होंने कचहरी में दाखिल होने के बाद उन्हें पर्चा थमाने वालीं बुजुर्ग महिला अन्नपूर्णा शुक्ला के पैर छूकर भी आशीर्वाद लिया। पर्चा भरने के दौरान पीएम मोदी करीब 45 मिनट तक डीएम के दफ्तर में बैठे रहे।

काफिला रोक बच्चियों से मिले, कविता सुनी

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वाराणसी में पर्चा दाखिल किया। इससे पहले उन्होंने बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। कार्यकर्ताओं के संबोधन के बाद जब वह कालभैरव मंदिर के लिए निकले, तो रास्ते में खड़ी स्कूली बच्चियों को देखकर काफिला रोक वह नीचे उतर गए। यहां उन्होंने न सिर्फ बच्चियों से बातचीत की, बल्कि उनसे कविताएं भी सुनीं।

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