मौसम ने फिर दिखाए तेवर, बागबानों की बढ़ी टेंशन

नेरवा—बुधवार सुबह से लगातार हो रही बारिश के चलते क्षेत्र में एक बार फिर से कंपकंपी बढ़ गई है पूरा क्षेत्र एक बार फिर शीतलहर की चपेट में आ गया है। अप्रैल माह का दूसरा पखवाड़ा शुरू हो चुका है परन्तु मौसम इस माह में भी फरवरी माह की ठंड का एहसास करवा रहा है। दो दिन पहले तक क्षेत्र में अच्छी खासी गर्मी हो गई थी परन्तु मंगलवार से मौसम के बदले तेवरों के चलते ठण्ड बढ़ गई है। नेरवा के चारों तरफ  पहाडि़यों पर सर्दियों की तरह छाई हुई गहरी धुंध ने ठंड में और अधिक इजाफा कर दिया है। ठंड के प्रकोप के चलते लोगों को एक बार फिर से गर्म कपडे़ निकालने पड़ गए हैं। वहीं बिगड़े मौसम ने बागबानों को भी चिंता में डाल दिया है। हालांकि निचले व माध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फ्लॉवरिंग हो चुकी है एवं इस बारिश व ठंड का यहां ज्यादा प्रभाव नहीं पडे़गा। परंतु ऊपरी क्षेत्रों जहां पर इन दिनों में सेब की फ्लॉवरिंग का दौर शुरू हो चुका है वहां पर मौसम कहर बरपा सकता है। ठंड बढ़ने से फ्लॉवरिंग व परागण प्रक्रिया के प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है जिस वजह से बागबानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें उभर आई है। वहीं यह बारिश टमाटर, बीन, शिमला मिर्च एवं अन्य सब्जियों के लिए वरदान मानी जा सकती है। इन दिनों निचले क्षेत्रों के किसान टमाटर की पनीरी को रोपित कर चुके हैं व अन्य सब्जियां भी उग चुकी है। इस दौर में इन फसलों को सिंचाई की आवश्यकता रहती है। दो दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की सिंचाई की टेंशन समाप्त कर दी है। अब तो किसान बागबान इंद्र देवता से एक ही दुआ कर रहे हैं कि आंधी तूफान न आए व ओले न बरसें। 

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