लोकसभा के रण में… मैदान में आठ, दांव पर साख

शिमला—शिमला संसदीय सीट पर इस बार आठ प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। हालांकि असली मुकाबला तो कांग्रेस और भाजपा के मध्य होना है, लेकिन निर्दलीय सहित कुछ क्षेत्रीय दलों के नेताओं ने भी नामांकन भर दिए हैं। नामांकन भरने के अंतिम दिन सोमवार को शिमला सीट पर दो प्रत्याशियों ने परचे भरे। इसी तरह से अब आठ प्रत्याशी मैदान में हैंं। मंगलवार को नामांकन पत्रों की छंटनी होगी। उसके बाद दो मई तक नाम वापस ले सकेंगे। इस बार के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के धनीराम शांडिल और भाजपा के सुरेश कश्यप के बीच कड़ा मुकाबला होना है। शिमला संसदीय क्षेत्र में वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति पर गौर करें तो कांग्रेस और भाजपा बराबरी पर हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के पास आठ-आठ सीटें और एक सीट माकपा के पास है। यानी शिमला, सोलन और सिरमौर जिला के 17 विधानसभा क्षेत्रों में वर्तमान में ये हालात हंै। हालांकि भाजपा ने इस बार जिला सिरमौर के नेता पर दाव खेल दिया है। यहां के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सुरेश कश्यप प्रत्याशी हैं। वे इससे पहले लगातार दो बार विधानसभा का चुनाव जीत कर आए हैं। पच्छाद से उन्होंने कांग्रेस के गंगूराम मुसाफिर को दो बार हराया। जिला सिरमौर की राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए ही भाजपा ने सुरेश कश्यप को मैदान में उतार दिया है। विधानसभा चुनाव में जिला सिरमौर के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से तीन भाजपा और दो सीटें कांग्रेस के पास हैं। इसी तरह से जिला सोलन की पांच विधानसभा सीटों में से कांग्रेस के पास तीन और भाजपा के पास दो सीटें हैं। इसे देखते हुए कांग्रेस ने धनीराम शांडिल को मैदान में उतार दिया है। इसी तरह से शिमला जिला में तीन सीटें भाजपा, तीन ही सीटें कांग्रेस के पास हैं, जबकि एक सीट माकपा की झोली में है। कांग्रेस के धनीराम शांडिल पहली बार हिमाचल विकास कांग्रेस से 1999 में चुनाव जीते। उसके बाद वे 2004 के चुनाव में कांग्रेस टिकट पर चुनाव जीते, जबकि 2009 के चुनाव में वे भाजपा के वीरेंद्र कश्यप से चुनाव हार बैठे। शिमला संसदीय सीट पर भाजपा जिला सिरमौर और कांग्रेस जिला सोलन पर फोकस कर रही है।

शिमला में 1415 ईवीएम से होगी वोटिंग

इस बार के लोकसभा चुनाव में जिला शिमला में 1415 ईवीएम से वोटिंग होगी। इसके साथ-साथ 1301 वीवीपैट मशीन भी होंगी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत जिला शिमला के सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं। हालांकि रामपुर विधानसभा भी जिला शिमला में है, लेकिन लोकसभा चुनाव में यह क्षेत्र मंडी में शामिल है। बताया गया कि जिला शिमला के सात विधानसभा क्षेत्रों में कुल 900 पोलिंग स्टेशन हैं। जिला में कुल पांच लाख 53 हजार 142 में से दो लाख 68 हजार 204 महिलाएं, दो लाख 87 हजार 48 पुरूष और 16 वोटर्स थर्ड जेंडर के हैं।

मोदी की उपलब्धियों के सहारे टिकी भाजपा

शिमला संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप मतदाताओं के बीच कूद चुके हैं और वे उनसे मोदी और जयराम सरकार की उपलब्धियों पर ही वोट मांग रहे हैं। सोलन, शिमला और सिरमौर जिला की आवाज को सदन में उठाने की बात आज तक नहीं की। यहां तक कि वे कांग्रेस प्रत्याशी धनीराम शांडिल से ही सवाल कर रहे हैं कि पूर्व में जब वे दस साल तक सांसद रहे तो सेब पर आयात शुल्क और हाटी समुदाय के हितों की रक्षा क्यों नहीं की। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी धनीराम शांडिल ने अभी तक सैनिक भर्ती में हिमाचल का कोटा बढ़ाने का भी मुद्दा नहीं बनाया।

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