हिमाचल में 55 ने ठोंकी चुनावी ताल

आखिरी दिन काजल सहित 16 ने भरा परचा, सबसे ज्यादा उम्मीदवार कांगड़ा में

 शिमला –हिमाचल प्रदेश में 19 मई को आखिरी चरण में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए 55 उम्मीदवार मैदान में हैं। हालांकि  इनकी असल तस्वीर दो मई को सामने आएगी, क्योंकि इस दिन नाम वापसी का आखिरी दिन है। मंगलवार को नामांकन पत्रों की छंटनी का काम शुरू हो जाएगा और इसके साथ ही चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सोमवार को नामांकन के आखिरी दिन 16 लोगों ने अपने परचे भरे, जिसके साथ उम्मीदवारों की संख्या 55 हो गई है। इनमें एक भी महिला उम्मीदवार शामिल नहीं है। आखिरी दिन कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से कांगे्रस के उम्मीदवार पवन काजल ने अपना परचा भरा और यहां कांग्रेस पार्टी के सभी दिग्गज जुटे। राजनीतिक दलों के शेष उम्मीदवार पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं। 22 अप्रैल को प्रदेश में नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जोकि सोमवार को समाप्त हुई। दो मई को छंटनी के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी कि मैदान में कौन-कौन डटे हैं। उम्मीदवारों ने शुभ मुहुर्त देखकर अपने नामांकन पत्र भरे। सबसे अधिक नामांकन कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भरे गए हैं। यह हिमाचल का सबसे बड़ा संसदीय क्षेत्र है, जहां पर मतदाताओं की संख्या भी अधिक है, वहीं हर बार की तरह इस बार दावेदारों की संख्या भी अधिक है। वहीं मंडी व हमीरपुर में भी दावेदारों की संख्या काफी है, जबकि शिमला संसदीय क्षेत्र में आठ दावेदारों ने परचा भरा है।

इस बार एक भी महिला मैदान में नहीं

शिमला। इस बार लोकसभा चुनाव के मैदान में हिमाचल प्रदेश से एक भी महिला नहीं उतरी है। न तो राजनीतिक दलों ने महिलाओं को चुनाव में उतारने के लिए टिकट दिया और न ही निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में किसी महिला ने अपना परचा भरा है। पिछले लोकसभा चुनाव में जहां कांग्रेस पार्टी ने एक महिला नेत्री को मैदान में उतारा था, वहीं निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी महिलाओं ने चुनौती दी थी। कुल पांच महिलाओं ने पिछली बार चुनाव लड़ा था। पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी की ओर से कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से प्रवेश यादव ने चुनाव लड़ा और 808 मत हासिल किए। वहीं कांगड़ा में ही एक क्षेत्रीय दल के टिकट पर आरती सोनी ने भी चुनाव लड़ा, जिन्हें 3757 वोट हासिल हुए थे। वहीं मंडी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस के टिकट पर प्रतिभा सिंह ने चुनाव लड़ा, जिन्होंने 322968 वोट हासिल किए। वह दूसरे स्थान पर रहीं थीं। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में उर्मिला शर्मा ने सपा की ओर से चुनाव लड़ा्र जिन्हें 2328 मत हासिल हुए थे, जबकि हमीरपुर से ही कमल कांता बत्तरा ने आम आदमी पार्टी की ओर से चुनौती दी थी। उन्हें उस चुनाव में 15329 वोट हासिल हुए। इस चुनाव में महिलाओं के न उतरने से एक कमी जरूर अखरेगी। राजनीतिक दल महिलाओं को आरक्षण की बात करते जरूर हैं, परंतु टिकट के मामले में वही चेहरे उतारे जाते हैं, जो उन्हें जिताऊ लगें। यही वजह है कि बड़े राजनीतिक दलों ने सभी पुरुष उम्मीदवारों को टिकट दिए।

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