हिमालयन गद्दी यूनियन नहीं उतारेगी प्रत्याशी

धर्मशाला —हिमालयन गद्दी यूनियन ने घोषणा की थी कि लोकसभा के चुनावों में अपना प्रत्याशी उतारेगी। इस संबंध में यूनियन ने हिमालयन गद्दी यूनियन के राज्य महासचिव राजकपूर को लोकसभा चुनावों में कांगड़ा-चंबा से प्रत्याशी के तौर पर पूरी तैयारी भी कर ली थी। साथ ही सोमवार 29 अप्रैल को अपना नामांकन जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष भरने के लिए समूचे समुदाय के सहयोग से पूरी तैयारी भी कर ली थी। इसी दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा ने हिमालयन गद्दी यूनियन के पदाधिकारियों से स्पष्ट तौर पर कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी अपने चुनावी कार्यक्रमों में प्रदेश के गद्दी समुदाय की वंचित उपजातियों क्रमशः हाली, बाडी, सिप्पी, डोगरी, रिहाड़े तथा डागी आदि के साथ गद्दी शब्द जोड़ने के लिए बात करती है, तो हिमालयन गद्दी यूनियन इसके तहत ही अपना आगामी निर्णय करेगी। इस संबंध में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि वास्तव में ही गद्दी समुदाय की इन वंचित उपजातियों के साथ आरंभ से ही अन्याय होता आया है और इनका दर्द वास्तव में उचित है। उन्होंने कहा कि वह जहां स्वयं गद्दी समुदाय की इन वंचित उपजातियों को न्याय दिलाने और इनके आगे गद्दी शब्द जोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। वहीं पार्टी के उच्च स्तरीय नेतृत्व के ध्यान में भी लाकर सभी स्तरों पर इस मुद्दे को उजागर करने का भी प्रयास किया जाएगा। सुधीर शर्मा ने कहा कि गद्दी समुदाय की वंचित उपजातियों की हिमालयन गद्दी यूनियन के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध भी पार्टी हर स्तर और हर मोर्चे पर समुदाय की इस मांग को उठाकर न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाती रहेगी। वहीं अगर सत्ता में आते हैं, तो सबसे पहले इन उपजातियों के साथ गद्दी शब्द जोड़कर इन्हें मान सम्मान दिलवाने का कार्य करेगी। सत्ता से बाहर रह कर भी इस मुद्दे को लेकर इन वंचित उपजातियों के साथ होने वाले अन्याय का पुरजोर विरोध करती रहेगी। हिमालयन गद्दी यूनियन के प्रदेश महासचिव एवं प्रस्तावित प्रत्याशी राजकपूर ने बताया कि सुधीर शर्मा द्वारा हिमालयन गद्दी यूनियन की इस शर्त माने जाने और लोकसभा चुनावों के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में गद्दी समुदाय की इन वंचित उपजातियों को न्याय दिलाने के वादे के मध्यनजर हिमालयन गद्दी यूनियन ने लोकसभा चुनाव न लड़ने का फैसला लिया है।

You might also like