अंबुजा उद्योग-कर्मचारियों के बीच गतिरोध खत्म

दाड़लाघाट —अंबुजा उद्योग व कर्मचारियों के मध्य उपजा गतिरोध समाप्त हो गया है। अंबुजा सीमेंट कंपनी की कशलोग खदान में कार्य करते एक कामगार की हुई मृत्यु के मामले में कंपनी प्रबंधकों व मृतक  के आश्रितों के बीच समझौता हो गया था। कंपनी ने आश्रितों को 55 लाख मुआवजा दिया और योग्यता के मुताबिक मृतक के परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी देने का वादा किया लेकिन कुछ संगठन इस मुद्दे की आड़ में अन्य मांगे मनवाने के लिए कंपनी पर दबाव बनाने लगे, जिस कारण पिछले पांच दिनों से औद्योगिक कामकाज ठप पड़ा रहा। इस प्रकरण में अंबुजा कंपनी के साथ जुड़ी यूनियन सदस्य आंदोलन पर थी। इस कारण सरकार व उद्योग को हर रोज करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। इसमें करीब 1.50 करोड़ ट्रांसपोर्टरों का और तीन करोड़ रुपए कंपनी और करीब चार करोड़ सरकार का नुकसान हो रहा था। इसी बीच अंबुजा सीमेंट दाड़लाघाट में चल रही बीएमएस की हड़ताल रविवार शाम 7ः55 तक चलती रही, जिसमें कंपनी में पांच दिनों से चल रही हड़ताल को समाप्त कर दिया गया। ज्ञात रहे कि दाड़लाघाट स्थित अंबुजा सीमेंट में हुए हादसे में मजदूर की मृत्यु के बाद वीरवार को कंपनी द्वारा मजदूर यूनियन की दुर्घटना राशि तो दे दी गई, परंतु मजदूर यूनियन व मैनेजमेंट यूनियन द्वारा आगे से ऐसे हादसे न हो और जरूरी सुविधाएं जिसमेें अस्पताल व डाक्टर की कमी की खदान में पूर्ति हेतु, वहीं वेजबोर्ड कर्मचारियों की लोकल सेटलमेंट पर अभी तक कोई भी सहमति नहीं बन पाई है। इस दौरान अनेक बिंदुओं पर चर्चा की गई, जिसमेें निर्णय लिया गया कि खनन विभाग में 25 दिन के भीतर अतिरिक्त एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। वहीं अंबुजा सीमेंट कर्मचारी संघ के साथ अंबुजा सीमेंट लंबी अवधि के समझौतों की वार्ता देर सायं तक जारी रही व समझौते के संदर्भ में अंबुजा सीमेंट कर्मचारी संघ के द्वारा दी गई राशि जो कि छह हजार रखी गई है। प्लांट प्रबंधन ने इसे अपने उच्च अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा दिया है व कंपनी द्वारा यूनियन को आश्वासन दिया कि अगले दो हफ्ते में उच्च प्रतिनिधिमंडल भारतीय मजदूर संगठन के साथ समझौते के अनुसार जो भी सही होगा वह लागू किया जाएगा व यूनियन ने कहा है कि अगर इन बिंदुओं पर कंपनी के साथ वार्ता सफल होती है, तो दोनों प्लांट व खदानों में उत्पादन का काम शुरू कर दिया जाएगा।

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