अगले साल से शतरंज का पाठ पढ़ेंगे छात्र

सरकारी स्कूलों में शुरू होगा नया विषय, एनसीईआरटी तैयार करेगी सिलेबस

शिमला-प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा छठी से लेकर आठवीं तक के छात्रों को अगले शैक्षणिक सत्र से शतरंज का विषय  पढ़ने का मौका मिलेगा। एनसीईआरटी यह सिलेबस तैयार करेगी। एनसीईआरटी ने तय किया कि वर्ष 2020 में शतरंज विषय छात्रों को पढ़ाने के लिए इसे पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले प्रदेश शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में इसी साल से शतरंज का विषय शुरू करने का प्रोपोजल एनसीईआरटी को भेजा था, लेकिन फैसला लिया है कि अब अगले साल ही इस विषय को शुरू किया जाएगा। हालांकि एनसीईआरटी ने यह भी निर्देश शिक्षा विभाग को दिए हैं कि  स्कूलों में वर्तमान में भी खेल-खेल में छात्रों को पढ़ाया जाए। शतरंज विषय के लिए छात्रों को रोजाना स्कूल के समय में आधा व एक घंटा दिया जाएगा। बता दें कि इस साल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्रों को शतरंज खिलाए या इसका पाठ पढ़ाए, इस पर शिक्षा विभाग कोई फैसला ही नहीं ले पाया है। पहले एससीईआरटी से ही शतरंज का पाठ्यक्रम तैयार करने की योजना थी, लेकिन अब जब स्कूलों में छात्र पहली से जमा दो तक एनसीईआरटी का ही सिलेबस पढ़ रहे हैं, तो ऐसे में इस विषय को भी एनसीईआरटी से ही तैयार करवाना पड़ रहा है। यही वजह रही कि सिलेबस तैयार करने को लेकर एनसीईआरटी ने शिक्षा विभाग से एक साल का समय मांगा। स्कूलों में छात्रों के किताबी स्ट्रेस को दूर करने के लिए ही प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय छात्रों को गेम के साथ सिलेबस भी पढ़ाना चाहता है। ऐसे में स्कूलों में शुरू होने वाले शतरंज विषय का इंतजार छात्रों को एक साल और करना होगा। उल्लेखनीय है कि शतरंज विषय को शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार ने भी मंजूरी दे दी है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय शतरंज को लेकर छठी से आठवीं कक्षा तक पाठ पढ़ाना चाहते है, इसको लेकर अलग से एक कमेटी का गठन भी कर दिया गया है। एनसीईआरटी का दावा कर रहा है कि  शतरंज का पाठ तैयार कर उसे अगले शैक्षणिक सत्र से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाना शुरू कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि शतरंज को आठवीं कक्षा से दसवीं कक्षा तक खेल गतिविधि के रूप में शामिल करने का ही प्रस्ताव है।

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