अढ़ाई महीने में पांवटा पी गया 30 लाख का गन्ना

पांवटा साहिब—पांवटा साहिब पिछले अढ़ाई माह में करीब 30 लाख रुपए से अधिक का गन्ना पी गया है। यह अच्छी बात है कि पांवटा के लोग देशी पेय को तरजीह दे रहे हैं। इससे, जहां पांवटा के लोगों का स्वास्थ्य अच्छा हो रहा है, वहीं उन्हें गर्मी से भी निजात मिल रही है। इसके अलावा रेहड़ी लगाकर गन्ना बेचने वाले भी चार पैसा कमा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक पांवटा साहिब नगर परिषद क्षेत्र और आसपास के इलाके में करीब 30 रेहडि़यों पर गन्ने का जूस बिकता है। इसमें से मुख्य चौक और बाजार पर कुछ रेहडि़यां ऐसी हंै, जिसमंे प्रतिदिन 200 से 300 गिलास गन्ने का जूस बेचा जाता है। इनमंे से कुछ ऐसे हैं, जहां पर 80 और 100 और 150 गिलास प्रतिदिन बिकते हैं। ऐसे में औसतन पांवटा में प्रतिदिन 150 गिलास प्रति रेहड़ी गन्ने का जूस बिकता है। इस आंकड़े पर गोर करें तो एक दिन में पांवटा के लोग करीब 42 से 45 हजार रुपए का गन्ने का जूस प्रतिदिन पीकर स्वयं को ठंडक पहुंचाते हैं। पांवटा की गर्मी सभी को मालूम है। यह आंकड़ा इससे अधिक भी हो सकता है। इस लिहाज से एक माह मंे साढ़े 13 लाख रुपए का गन्ना जूस बिका है। पांवटा साहिब में फरवरी माह के अंतिम सप्ताह से ही गर्मी होने पर गन्ने के जूस का कारोबार शुरू हो चुका है। ऐसे मंे अभी तक करीब अढ़ाई महीने में 30 लाख रुपए से अधिक का गन्ने का जूस पांवटा के लोग पी चुके हैं।

400 रुपए क्विंटल तक मिल रहा गन्ना

जानकारी के मुताबिक अमूमन गन्ने का दाम प्रति क्विंटल 310 से 315 रुपए है, लेकिन मांग के अनुरूप इसके दामों मंे वृद्धि हुई है। पिछले साल मार्च और अप्रैल के शुरुआती दौर मंे पांवटा साहिब में ही इन गन्ने की रेहड़ी वालों को 400 से 500 रुपए तक प्रति क्विंटल देने पड़े थे। पांवटा में गन्ना खत्म होने के बाद जूस की मांग के चलते रेहड़ी वाले पड़ोसी राज्य हरियाणा के यमुनानगर से गन्ना खरीदने लगे। यहां पर गन्ने के दाम काफी बढ़ गए और रेहड़ी वालों को गन्ना यहां पर 750 रुपए से 800 रुपए प्रति क्विंटल भी खरीदा। हालांकि इस बार पांवटा मंे रेहड़ी वालों को 300 से 350 रुपए प्रति क्विंटल गन्ना मिला और जब पांवटा में गन्ना खत्म हो गया तो अब गन्ना यमुनानगर से मंगवाया जा रहा है, लेकिन पिछले साल के मुकाबले इस बार गन्ना कम दाम मंे मिल रहा है। अभी गन्ना जूस बेचने वालों को 400 रुपए प्रति क्विंटल तक गन्ना मिल रहा है, जिससे गन्ना जूस बेचने वालों ने राहत की सांस ली है।

दून की गर्मी से निजात दिलाता जूस

पांवटा दून क्षेत्र में गर्मी बहुत ज्यादा पड़ती है और यहां पर गन्ने का उत्पादन भी अच्छा होता है। ऐसे में छोटे व्यापारी रेहडि़यां लगाकर गर्मी के इस मौसम में चार पैसा कमा लेते हैं। दून की लू लगती गर्मी से भी गन्ने का जूस शीतलता प्रदान करता है। जानकार बताते हैं कि गन्ने का जूस स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होता है। विशेषकर पीलिया के मरीजों के लिए यह एक औषधी के रूप में कार्य करता है।

20 स्थानों पर लगी जूस की रेहडि़यां

पांवटा साहिब नगर परिषद क्षेत्र में लगभग 20 स्थानों पर गन्ने के जूस की रेहडि़यां लगी हुई हैं। इसके अलावा तारूवाला ब्वायज स्कूल, गोंदपुर औद्योगिक क्षेत्र, रामपुरघाट में डेंटल कालेज के पास, औद्योगिक क्षेत्र आदि मंे भी गन्ने का जूस काफी मात्रा में बिकता है। नप के सफाई पर्यवेक्षक के मुताबिक नप क्षेत्र में गन्ने के जूस की करीब 20 रेहडि़यां हैं। इनमंे से कुछ रेहडि़यां मोबाइल हैं तथा वार्डों में जाकर गन्ने का जूस बेचती है। उन्होंने कहा कि विशेषकर गुरु गोबिंद सिंह चौक, परशुराम भगवान चौक, विश्वकर्मा चौक और मुख्य बाजार वाले स्थानों पर गन्ने के जूस की काफी बिक्री हो जाती है।

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