अधूरा दिख रहा ऑनलाइन स्टडी का दावा

इस सत्र से प्रदेश के दस जिलों के कालेजों में शुरू होनी थी वर्चुअल क्लासेज

 शिमला —हिमाचल प्रदेश के सरकारी कालेजों में ऑनलाइन स्टडी का सपना इस सत्र से भी पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने पहले चरण में प्रदेश के दस जिलों के कालेजों में वर्चुअल क्लासेज की शुरुआत करने का दावा किया था। पिछले वर्ष शिक्षा विभाग ने कहा था कि किन्नौर और लाहुल-स्पीति को छोड़कर बाकी सभी जिला के कालेजों में छात्र ऑनलाइन स्टडी का हिस्सा बनेंगे। खास बात यह है कि शिक्षा विभाग ने हर जिले के सेंटर कालेजों का चयन करने की भी बात की थी। बावजूद इसके अभी तक  शिक्षण संस्थानों का भी चयन नहीं हो पाया है। इस सत्र से शुरू होने वाले वर्चुअल क्लासेज के माध्यम से एक कालेज से दूसरे कालेज से छात्रों को ऑनलाइन प्रोजेक्टर व वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से पढ़ाया जाने की योजना थी। इसके लिए विभाग ने कालेजों में ऑनलाइन स्टडी मैटीरियल जल्द मुहैया करवाने के लिए अधिकारियों से बातचीत भी की थी। बता दें कि शिक्षा विभाग ने कालेजों में होने वाली ऑनलाइन स्टडी को सीवी रमन वर्चुअल क्लासेज का नाम दिया है। शिक्षा विभाग की यह योजना पॉयलट योजना के तहत है। राज्य सरकार जल्द शिक्षा विभाग को वर्चुअल क्लासेज के लिए अलग से बजट स्वीकृत करेंगी। हिमाचल में पहली बार ऑनलाइन स्टडी की पहल की जा रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार राज्य सरकार वर्चुअल क्लासेज के लिए करोड़ों रुपए खर्च करेगी। हालांकि इस सत्र से वर्चुअल क्लासेज का सपना पूरा नहीं हो पाया। बता दें कि राज्य के कई ऐसे कालेज हैं, जहां पर शिक्षकों के खाली पद होने की वजह से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर कई सवाल उठे हैं। यही वजह है कि शिक्षा विभाग ने अब वर्चुअल क्लासेज का रास्ता चुना है। दस जिलों के कॉलेजों में शुरू होने वाली वरचुअल क्लासेस के लिए शिक्षा विभाग ने पूरी योजना तैयार कर दी है। विभागीय जानकारी के अनुसार कालजों में वर्चुअल क्लासेज के सफल होने के बाद इन्हें स्कूलों में भी शुरू किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने जिलों को भी निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं कहा गया है कि जिला उपनिदेशक अपने-अपने जिलों से रिपोर्ट भेंजे की वर्चुअल क्लासेज की सबसे ज्यादा जरूरत कौन से कालेजों में है।

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