अनदेखी से हाटी समिति लाल

भाजपा चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे से पलटी,नरेंद्र मोदी-अमित ने शाह रैलियों में जिक्र न किया

शिलाई –वर्तमान भाजपा द्वारा पिछले चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे से पलट गई है। आज बात करना भी मुनासिब नहीं समझ रही है, जिसको लेकर गिरिपार के हाटियों में रोष है। 60 के दशक से लंबित जिला सिरमौर के गिरिपार के जनजातीय मुद्दे पर वर्तमान केंद्र सरकार के उदासीन रवैये से केंद्रीय हाटी समिति भी लाल हो गई है। समिति ने प्रेस नोट जारी कर अपना रोष ऐन वक्त पर प्रकट किया है। समिति को उम्मीद थी कि सत्तारूढ़ पार्टी के राष्ट्रीय नेता शिमला संसदीय क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान गिरिपार जनजातीय मुद्दे पर तर्कसंगत बात कर यहां की जनता को आश्वासन जरूर देंगे, लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की नाहन रैली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोलन रैली में इस अहम मुद्दे को अनदेखा कर भुला दिया। जिस मुद्दे पर लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा ने जमकर वोट बटोरे आज नाम नहीं ले रहे हैं, जिससे गिरिपार के 133 पंचायतों के हाटियों में वर्तमान केंद्र सरकार के प्रति गहरा रोष है। केंद्रीय हाटी समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. अमी चंद कमल ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि जिस पार्टी ने 2009 से लेकर लगातार इस मुद्दे को अपने घोषणा पत्र में डालकर बड़े-बड़े वादे कर यहां की जनता को बरगलाया। वहीं पार्टी आज इस मुद्दे पर बात करने को भी राजी नहीं है। इसका हाटी समुदाय में गहरा रोष है। गिरिपार की जनता का कहना है कि स्थानीय नेताओं ने अपने राष्ट्रीय नेताओं को इस मुद्दे पर ठीक से फीडबैक नहीं दी है। हाटी समिति जनजातीय अधिकार के लिए अपना तर्कसंगत प्रयास जारी रखेगी और केंद्र में बनने वाली नई सरकार के साथ शीघ्र तालमेल कर रणनीति बनाएगी, लेकिन मुद्देेे को भुला देने पर गिरिपार की जनता में बहुत आक्रोश है। जनता जवाब देने के इंतजार में है। 19 मई को 133 पंचायतों के लोग वादा खिलाफी करने वालों को करारा जवाब देगी। फिलहाल यहां की जनता इनके विरुद्ध आक्रोशित है।

 

 

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