अप्रैल में घटी थोक महंगाई

मांग घटने से 3.18 से गिरकर 3.07 फीसदी पर पहुंची मुद्रास्फीति

नई दिल्ली -खोई और मूंगफली तेल के दामों में गिरावट होने से अप्रैल, 2019 में थोक मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 3.07 प्रतिशत दर्ज की गई है। इससे पिछले महीने यह आंकड़ा 3.18 प्रतिशत रहा था। सरकार के मंगलवार को यहां जारी आंकड़ों में बताया गया है कि अप्रैल, 2018 में थोक मुद्रास्फीति की दर 3.62 प्रतिशत रही थी। मौजूदा वित्त वर्ष में अभी तक बिल्डअप मुद्रास्फीति 0.75 प्रतिशत रही है। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 0.86 प्रतिशत रहा था। थोक मुद्रास्फीति में यह गिरावट बाजार में मांग घटने के कारण आई है। इसी बीच  मांस  मछली, पान- तंबाकू, आवास एवं स्वास्थ्य सेवाओं की कीमतें बढ़ने से खुदरा  मुद्रास्फीति की दर अप्रैल में 2.92 प्रतिशत पर रही है, जबकि इससे पिछले महीने यह आंकड़ा 2.86 प्रतिशत था। आंकड़ों में कहा गया है कि खाद्य वस्तु वर्ग में चाय पत्ती 15 प्रतिशत, फल एवं सब्जी 14 प्रतिशत, फली छह प्रतिशत, मक्का पांच प्रतिशत, मुर्गे का मांस पांच प्रतिशत, अरहर बाजरा, उडद, बकरे का मांस और राजमा के दाम एक-एक प्रतिशत चढ़े हैं। हालांकि इसी वर्ग में अंडा पांच प्रतिशत, पान पत्ता चार प्रतिशत, जौ एवं गेंहू तीन प्रतिशत, भैंस का मांस का दाम एक प्रतिशत गिरा है। गैर खाद्य वस्तु वर्ग में सूरजमुखी बीज नौ प्रतिशत, कच्चा कपास सात प्रतिशत, तिल एवं अरंडी बीज छह प्रतिशत,  सोयाबीन एवं बिनौला तीन प्रतिशत, मूंगफली और कच्ची खाल दो प्रतिशत तथा  कच्ची रबड की कीमतों में एक-एक प्रतिशत का इजाफा रहा है। हालांकि नारियल,  कच्चा जूट एवं मेस्ता के दाम तीन प्रति प्रतिशत, सूरजमुखी दो प्रतिशत, सरसों एवं नारियल रेशा एक एक प्रतिशत गिरे हैं।  विनिर्मित खाद्य वस्तु वर्ग में प्रसंस्करित चाय नौ प्रतिशत, शहद पांच  प्रतिशत, अरंडी तेल, बेसन, प्रसंस्करित मछली सरसों तेल दो प्रतिशत, चीनी,  मिश्रित मसाले के दाम एक-एक प्रतिशत बढ़े हैं।

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