अब डीसी आफिस में कैंटीन चलाएंगे कैदी

बिलासपुर। मुक्त कारागार बिलासपुर में सजायाफ्ता बंदियों के लिए अब सम्मान जनक जीवन यापन करने व आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल करते हुए उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर के प्रांगण में कैंटीन के लिए दुकान उपलब्ध करवाकर सार्थक पग उठाया है। इससे न केवल बंदियों में आदर्श व्यक्तित्व का निर्माण ही संभव होगा। अपितु आर्थिक दृष्टि से भी अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए नई राहें खुलेंगी। हिमकारा स्टोर, सुधार गृह उत्पाद प्रदर्शन एवं विक्रय केंद्र लोगों को उपलब्ध करवाएगा। बता दें कि जनमानस में आम धारणा है कि जेलें विभिन्न अपराध में बंद कैदियों को सजा देने के लिए हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि कारागार में कैदियों को सजा देने के साथ उनमें सुधार भी लाया जाता है, ताकि वह आगे की जिंदगी समाज में बेहतर तरीके से व्यतीत कर सकें। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए उनके भीतर छिपी हुई प्रतिभा को उनके रुचि के अनुसार विकसित करके बेहतर समाज के निर्माण और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दृष्टि से मुक्त कारागार बिलासपुर के बंदियों के लिए एक अनोखा प्रयास जिला मुक्त कारागार में शुरू हुआ है। यहां कैदियों को हुनरमंद बनाया जा रहा है, ताकि जेल से निकलकर वह अपने पैरों पर खड़े हो सकंे। कैंटीन में मुक्त कारागार बिलासपुर के बंदियों द्वारा हस्तनिर्मित शॉल, शर्ट, टावल व बेडशीट इत्यादि के अतिरिक्त चाय-समोसा, नमकीन, बे्रड व बेकरी में तैयार किए जाने वाली सभी वस्तुए उचित मुल्य पर आमजन की बिक्री के लिए प्रतिदिन प्रातः सात बजे से लेकर सायं सात बजे तक उपलब्ध हांेगी। प्रशासन के इन प्रयासों से कारागार के बंदियों को जहां समाज से जुड़े का अवसर मिलेगा। भविष्य में यह प्रशिक्षण इनके लिए रोजगार का साधन भी बनेगा और साथ में उनका मन भी लगा रहेगा।

 

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