अब दस दिन का काम एक दिन में

चुरुडू -एक दौर था जब खेती के सभी काम हाथ से हुआ करते थे, और उन कामों को निपटाने के लिए कई-कई दिन लग जाते थे, लेकिन, हाईटेक हो रहे युग ने खेती-बाड़ी को भी आसान कर दिया है। हाईटेक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से मजदूरों की किल्लत के बाद भी परेशानी नहीं हो रही है। इन मशीनों के उपयोग से किसानों का श्रम और समय दोनों बच रहे हैं। इस बार गेहूं कटाई में भी हाईटेक मशीनों ने किसानों को राहत पहुंचाई है। मौसम की मार के साथ मजदूरों की किल्लत झेल रहे किसान इन मशीनों से एक दिन में कई-कई कनाल गेहूं की कटाई कर रहे हैं। अंब क्षेत्र के चुरुडू, टकारला तथा आस पास के क्षेत्रों में आजकल किसान कंबाइन तथा अन्य छोटी मशीनों से गेंहू की फसल समेट रहे है। इससे उनका समय तथा पैसा दोनों बच रहा है। मशीनों से एक दिन में कई मजदूरों का काम लिया जा सकता है। किसान गुरबचन, सावन, सुरेश, अनिल लठ्ठ, दविंद्र लठ्ठ, भुल्लर आदि  ने बताया कि हर बार गेहूं के सीजन में मौसम की मार के साथ मजदूरों की किल्लत रहती थी, लेकिन इस मशीन ने उनकी दोनों दिक्कतें दूर कर दी हैं। मशीन दिनभर में काफी गेहूं को आसानी से काट देती है। वहीं, किसानों को भी अब ज्यादा मजदूरी नहीं देनी पड़ रही। करीब एक कनाल गेहूं की एवज में यूपी बिहार से आए मजदूर 600-700 रुपए प्रति कनाल की मांग करते थे, लेकिन कंबाइन आदि मशीनों के साथ गेहूं काटने पर उन्हें केवल 120 से 150 प्रति कनाल ही देने पड़ते है। ऐसे में किसानों के समय के साथ पेसों का भी बचाव हो रहा है। वहीं अब इलाके में  लगभग 90 प्रतिशत गेहंू की फसल भी किसानों के द्वारा समेट ली गई है।

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