अब नहीं चलेगी धांधुली, सभी गाडि़यों की होगी जांच

सैलानियों को गुलाबा बैरियर पार करवाने से पहले ड्राइवर को दिखाने होंगे सभी दस्तावेज

मनाली –रोहतांग परमिट को लेकर हुए धांधुल के खुलासे के बाद अब रोहतांग पहुंचना और भी मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने जहां गुलाबा बैरियर पर चौकसी बढ़ा डाली है, वहीं अब कभी भी दर्रे पर प्रशासन के आलाधिकारी अपनी दबिश दे सकते हैं। यहां किसी को भी बिना परमिट जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। रोहतांग परमिट के नाम पर दलाल जहां सैलानियों से अच्छी रकम कमा रहे थे, वहीं अब ऐसे लोगों की तलाश पुलिस भी कर रही है, जो गलत तरीके से सैलानियों को रोहतांग पहुंचा रहे हैं और सरकार को चुना लगा रहे हैं। यही नहीं गुलाबा बैरियर पर तैनात कर्मियों की जवाब तलबी भी प्रशासन ने तय कर डाली है। सैलानियों को रोहतांग की सैर करवाने के लिए जहां बैरियार के दोनों तरफ बीना नंबर की गाडि़यां खड़ी की जा रही हंै, वहीं गाडि़यों की नबंर प्लेट बदलने की भी बात सामने आई है। यही नहीं सैलानियों के लिए रोहतांग दर्रे के बहाल होने के बाद जहां रोहतांग के परमिट के नाम पर मनाली में दलाल अपना करोबार चमकाते हैं, वहीं इस बार एक टैक्सी चालक द्वारा रोहतांग परमिट को लेकर हो रही धांधुली का खुलासा करने के बाद प्रशासन भी अब हरकत में आया है। पुलिस ने जहां दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है, वहीं उपायुक्त कुल्लू ने मामले की जांच के आदेश दे डाले हैं। रोहतांग दर्रे के बहाल होने के बाद गुलाबा बैरियार हमेशा से ही चर्चा में रहता है। गत वर्ष भी यहां तैनात कर्मियों की कार्यप्रणाली पर वाहन चालकों ने कई सावाल उठाए थे। ऐसे में एसपी कुल्लू ने भी बैरियर पर दबिश दी थी और वाहनों के दस्तावेज जांचे थे। ऐसे में इस बार दर्रे के बाहल होने के चंद दिनों में ही गुलाबा बैरियर एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। टैक्सी चालकों का कहना है कि यहां एनजीटी के आदेशों का पालन कागजों में ही हो रहा है। प्रशासन ने भले ही वाहनों की संख्या निर्धारित कर रखी हो, लेकिन गुलाबा से उस संख्या से अधिकत वाहन आर पार हो रहे हैं, जो कई सवाल खड़े कर रहे हैं।  यही नहीं परमिशन आल्टो कार की लेकर उसकी नंबर प्लेट इलोवा में लगाई जा रही है, ताकि अधिक लोगों को रोहतांग के समीप पहुंचाया जा सके और अच्छी कमाई की जा सके। वाहन चालकों द्वारा ही इस बात का खुलासा किया गया है। प्रशासन के नाक के नीचे चल रहे इस खेल का खुलासा होने के बाद जहां अधिकारी दलालों पर कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं, वहीं पुलिस को भी आदेश दे दिए गए हैं कि रोहतांग परमिट के बिना किसी भी वाहन को न तो दर्रा पार करवाया जाए और न ही दर्रे के समीप खड़ा करने दिया जाए। उल्लेखनीय है कि मनाली घूमने आने वाले सैलानियों की सबसे पहली कोशिश ही यह रहती है कि वह रोहतांग दर्रे पर घूमने जाएं और यहां पड़ी बर्फ में जमकर मौजमस्ती करें। खासकर समर सीजन में तो सैलानी रोहतांग दर्रे पर पहुंचने के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार हो जाते हैं। बस इसी बात का फायदा उठाते हुए दलाल रोहतांग परमिट का खेल खेलते हैं। मनाली के माल रोड पर जहां बाहरी टैक्सी चालकों को असानी से परमिट उपलब्ध करवा दिया जाता है, वहीं लोकर टैक्सी चालक यात्रियों का इंतजार ही करता रहता है। ऐसे में अब प्रशासन के हरकत में आने के बाद रोहतांग परमिट के नाम पर हो रही धांधुली पर काबू पाने व दलालों की धरपकड़ करने की बात कही जा रही है, वहीं रोहतांग के रास्ते में पड़ने वाले गुलाबा बैरियर पर भी अब पुलिस की खास नजर है। उपायुक्त कुल्लू यूनुस का कहना है कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

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