अब फंसेंगे कई शिक्षण संस्थान

छात्रवृत्ति घोटाले की सीबीआई ने शुरू की जांच, डीएसपी के नेतृत्व में टीम गठित

शिमला – 250 करोड़ की छात्रवृति घोटाले में संलिप्त होने वाले निजी शिक्षण संस्थान अब सीबीआई के राडार पर हैं। हालांकि अभी तक निजी शिक्षण संस्थानों के नाम गोपनीय रखे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए दस्तावेज के आधार पर ऐसे संस्थानों में सीबीआई कभी भी दबिश दे सकती है। शिमला स्थित सीबीआई कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक डीएसपी सीबीआई की अगुवाई में जांच टीम भी गठित कर दी है। ऐसे में सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज करने के बाद हेराफेरी करने वाले निजी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधनों की दिक्कतें भी बढ़ गई हैं। उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने बीते बुधवार को आईपीसी की धारा 409, 419,465, 466 और 471 के तहत शिमला सिथत थाने में एफआईआर दर्ज कर दी थी। ऐसे में अब सीबीआई इस घोटाले की जांच में तेजी लाएगी। बताया गया कि प्रदेश और प्रदेश के बाहर निजी शिक्षण संस्थानों में सीबीआई की टीम कभी भी दबिश दे सकती है।  प्रदेश सहित अन्य राज्यों में संचालित निजी शिक्षण संस्थानों को खौफ सताने लगा है। इस मामले में कई बडे शिक्षण संस्थान जांच के दायरे में हैं। बताया गया कि शिमला पुलिस ने शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर जो एफआईआर दर्ज की थी, उसमें भी कुछ निजी शिक्षण संस्थानों के नामों का उल्लेख किया गया था। इसके बाद कुछ संस्थानों के प्रतिनिधि सचिवालय भी पहुंचे थे। स्कॉलरशिप घोटाला देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। कई राष्ट्रीयकृत बैंक भी इसमें शामिल हैं। शिक्षा विभाग द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि कई निजी शिक्षण संस्थानों ने फर्जी एडमिशन दिखाकर सरकारी धनराशि का गबन किया है। बताया गया कि 80 फीसदी छात्रवृत्ति का बजट सिर्फ  निजी संस्थानों में बांटा गया जबकि सरकारी संस्थानों को छात्रवृत्ति के बजट का मात्र 20 फीसदी हिस्सा मिला। 

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