अब भी की जा सकती है ईवीएम-वीवीपैट मिलान की मांग

चंडीगढ़ –उच्चतम न्यायालय के लोकसभा चुनाव की मतगणना के दौरान हर लोकसभा क्षेत्र के हर मतदान केंद्र में इस्तेमाल सभी इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के साथ वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) के मिलान की मांग करती याचिका खारिज किए जाने के बावजूद प्रत्याशी चाहे, तो चुनाव अधिकारी से लिखित प्रार्थना कर इसकी मांग कर सकता है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के वकील हेमंत कुमार ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद भी अगर किसी लोकसभा सीट की मतगणना के दौरान संबंधित उम्मीदवार या उनके चुनावी एजेंट किसी भी या सभी पोलिंग स्टेशनों के संबंध में ऐसा करवाना चाहते हैं, तो वह इस संबंध में क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी को लिखकर प्रार्थना  कर सकते हैं। श्री कुमार ने बताया कि ऐसा प्रावधान चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम संख्या 56 डी में हैं, जिसे तत्कालीन केंद्र सरकार ने 14 अगस्त 2013 को उक्त 1961 नियमों में डाला गया था एवं उच्चतम न्यायालय ने एक की बजाय  पांच-पांच पोलिंग स्टेशनों के ईवीएम-वीवीपैट जांच करवाने का  अनिवार्य   आदेश देते हुए उक्त  प्रावधान अर्थात  56 डी  पर न तो कोई रोक लगाई है और न ही  कोई टिप्पणी की  है। श्री कुमार के अनुसार हालांकि संबंधित रिटर्निंग अफसर उक्त प्रार्थना करने वाले उम्मीदवार या उसके पोलिंग एजेंट की मांग को  स्वीकार करने  के लिए बाध्य नहीं है।

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