अब यूटी में निपटाया जाएगा वेस्ट

चंडीगढ़ में अपशिष्ट संयंत्र का आगाज, स्टील को छोड़कर हर तरह के कचरे का होगा निपटान

चंडीगढ़ – नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के बाद चंडीगढ़ नगर निगम ने औद्योगिक क्षेत्र, फेज-ए चंडीगढ़ में सी एडडी अपशिष्ट संयंत्र का उद्घाटन किया। चंडीगढ़ के प्रशासक के सलाहकार मनोज कुमार परिदा चंडीगढ़ प्रशासन के गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता की उपस्थिति में यह संयंत्र चालू किया।  निगमायुक्त  केके यादव, विशेष निगमायुक्त संजय कुमार झा, निगम के मुख्य अभियंता मनोज कुमार बंसल, अधीक्षक अभियंता एनपी शर्मा और संजय अरोड़ा और नगर निगम  के अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर निगमायुक्त ने प्रशासक के सलाहकार को अवगत कराया कि इस प्लांट में फुटपाथ, सड़क के काम, बाड़ लगाने के काम आदि के लिए उपयोग किए जाने वाले पीसीसी उत्पादों का निर्माण निर्णाण व विध्वंस कचरे से होगा। प्रसंस्करण संयंत्र सभी सीमेंट, निर्माण विध्वंस कचरे को स्वीकार करेगा, जिसमें स्टील शामिल नहीं होगा, को लेगा व उसका प्रसंस्करण करेगा। उन्होंने कहा कि यह पर्यावरण को बचाने के साथ-साथ निर्माण विध्वंस अपशिष्ट उपनियमों को लागू करने की ओर भी एक कदम है। उनका कहना था कि इसे नई सड़कों के निर्माण के लिए कच्चे माल का उपयोग किया जा सकता है। कच्चा माल पब्लिक /सरकारी अदारों को भी को बेचा जा सकता है। उनका कहना था कि अगर उचित दरों पर लोगों को यह उपलब्ध कराया जाये तो  सीमेंट कंक्ररीट कार्यों के लिए खनन को कम किया जा सकता है।

कांग्रेस ने पत्र लिख कर उद्घाटन रोकने की उठाई थी मांग

इससे पूर्व कांग्रेस के पार्षद सतीश कैंथ ने प्रशासक को पत्र लिख इस प्लांट का उद्घाटन किए जाने को रोकने की मांग की थी। प्रशासक को लिखे पत्र में कैंथ ने कहा कि यह प्रस्ताव निगम सदन की बैठक में पारित हुआ था, पर चुनाव आचार संहिता के चलते  वह आग्रह कर रहे हैं कि निगम आयुक्त और सलाहकार प्लांट का उद्घाटन करने से रोका जाए।  उनका आरोप है कि इससे सीधे तौर पर भाजपा शासित निगम-प्रशासन को फायदा हो सकता है। उन्होंने कहा आचार संहिता के चलते के चलते कालोनी और गांवों के विकास कार्य रुके हैं।

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