अब हाईटेक मशीन से होगी सभी गाडि़यों की पासिंग

बिलासपुर —जिला में जल्द ही वाहनों की फिटनेस हाईटेक मशीनों के जरिए जांची जाएगी। इसमें छोटे से लेकर बड़े सभी तरह के वाहनों की जांच होगी। खास बात यह होगी कि पासिंग के लिए निर्धारित तिथि वाले दिन वाहनों की भी संख्या फिक्स की जाएगी। एक दिन में केवल 50 वाहनों की ही पासिंग होगी। आरटीओ बिलासपुर सिद्धार्थ आचार्य ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जल्द ही विभाग बिलासपुर में इस मशीन की सौगात देगा। मशीन की डिमांड हाइकमान को भेजी जा रही है। हाइकमान से मशीन मिलने पर बिलासपुर में वाहनों की फिटनेस हाईटेक मशीनों के जरिए जांची जाएगी। इसके बाद पासिंग के लिए आवेदन भी ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए लिया जाएगा। बता दें कि मौजूदा समय में वाहनों की पासिंग एमवीआई गाडि़यों के कागजात, प्रदूषण, कितनी धुआं छोड़ती है और गाड़ी किस कंडीशन में है आदि की जांच लेता है। इस प्रक्रिया के लिए निर्धारित दिन में वाहनों का जमघट लग जाता है। एचआरटीसी वर्कशॉप के पास होने वाली पासिंग के दौरान मीलों लंबा जाम भी लग जामा है। ऐसे में नई व्यवस्था को शुरू करने के उपरांत विभाग पासिंग का वैन्यू भी बदलने पर विचार कर रहा है। बहरहाल मशीन के आने के उपरांत अब इस सारे झंझट से विभाग को छुटकारा मिलेगा। जल्द यह सारा काम मशीन के माध्यम से होगा। इससे वाहनों की पासिंग में होने वाली गड़बड़ी पर पूरी तरह से लगाम लगेगी। वहीं न सिर्फ  भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि प्रदूषण भी कम होने की उम्मीद है। प्रदेश में अभी तक सिर्फ  सोलन जिला में ही मशीन की यह सुविधा उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर वाहनों के परमिट रिन्यू कराने के दौरान आने वाले वाहनों की मैन्युअल जांच कर उन्हें फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करता है। नई तकनीक के शुरू होने के उपरांत ऐसा नहीं होगा। गाड़ी को पास या फिर रिजेक्ट करना है यह किसी के हाथ में नहीं होगा। तमाम मानकों पर खरा उतरने के बाद ही मशीन वाहनों को पास करेगी।

मशीन से ऐसे होगी गाडि़यों की जांच

वाहनों की फिटनेस हाईटेक मशीनों के जरिए जांची जाएगी। इसमें छोटे से लेकर बड़े व्हीकल की भी जांच होगी। यहां ब्रेक, हैडलाइट, स्पीड, वाहन की कंडीशन व पॉल्यूशन की जांच विशेष तौर पर की जाएगी। इससे प्रदूषण व हादसों पर रोक लगाने में भी कामयाबी हासिल होगी।

You might also like