अर्की में बढ़ा भाजपा का जनाधार, पुराने रिकॉर्ड टूटे

सोलन—पिछले दो चुनावों से जिला के अर्की निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा का जनाधार बढ़ता ही जा रहा है। लोकसभा चुनाव में तो इस जनाधार ने पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त करके अर्की भाजपा वोटबैंक में नई इबारत लिख दी है। करीब सवा साल पहले अर्की निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के दिग्गज व पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह स्वयं मैदान में उतरे तथा उनके मुकाबले में भाजपा ने युवा तुर्क रतन पाल पर दांव खेलते हुए पार्टी का टिकट थमा दिया। भाजपा विधानसभा चुनावों में कभी भी 20 हजार मतों से अधिक हासिल नहीं कर सकी किंतु बीते चुनाव में रतन पाल ने कांग्रेस के छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह को कड़ी चुनौती देते हुए 28,448 के करीब मत हासिल करके भाजपा वोट बैंक में भारी बढ़ोतरी करवाई। हालांकि कड़े संघर्ष के बाद रतन पाल चुनाव हार गए, लेकिन उन्होंने क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान जारी रखा। 23 मई को घोषित लोकसभा के चुनाव में भाजपा का वोट बैंक नई ऊंचाइयों तक चला गया तथा कांग्रेस के प्रत्याशी के खिलाफ भाजपा प्रत्याशी ने अर्की निर्वाचन क्षेत्र से 29,454 मतों की लीड भी प्राप्त कर ली। अर्की निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी की लीड  का यदि आंकलन करें तो प्रदेश में यह 68 निर्वाचन क्षेत्रों में से आठवें पायदान पर है। प्रमुख पहलू यह भी है कि लोकसभा चुनाव में अर्की में भाजपा जहां एकजुट नजर आई, वहीं पिछले विधानसभा चुनाव में आपसी सामंजस्य की कमी के कारण या पार्टी में बगावत के कारण मतदान में कतरब्योंत भी हुई। लोकसभा चुनाव के परिणाम ने कई ऐसे बूथ पर भी भाजपा के परचम को फहरा दिया है, जहां पर पिछले कई दशकों से कांग्रेस का ही आधिपत्य था। भाजपा की टिकट पर अर्की से विधानसभा चुनाव लड़ने वाले व प्रदेश भाजपा सचिव रतन पाल ने कहा कि यह लीड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रवादी सोच व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व से संभव हुई है। उन्होंने कहा कि अर्की क्षेत्र में सभी स्थानों पर निष्पक्ष रूप से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं तथा इसी कारण भाजपा के जनाधार में व्यापक बढ़ोतरी हो रही है।

You might also like