अस्पतालों में बिन बजट लटक गया बायोमीट्रिक प्रोजेक्ट

शिमला – प्रदेश के सभी अस्पतालों में बायोमीट्रिक मशीनें लगाने का प्रोजेक्ट लटक गया है। सूचना है कि बजट को लेकर यह मामला लटक गया है। गौर हो कि अभी चुनिंदा अस्पतालों में ही बायोमीट्रिक मशीनें लगाई गई हैं, जिसके बाद अन्य अस्पतालों में भी ये मशीनें लगाई जानी तय की जा रही थीं। क ई बार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि कई अस्पतालों में अस्पताल का स्टाफ फरलो में रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कत गांव के अस्पतालों में सामने आ रही है। जहां पर कई बार विभाग को भी ये मौखिक शिकायतें पेश आ रही हैं कि अस्पतालों में कई बार डाक्टर समय पर नहीं आते हैं, जिसमें डाक्टर ही नहीं, बल्कि पैरामेडिकल स्टाफ की भी गायब रहने की चर्चा है। ऐसे में सभी अस्पतालों पर नजर रखने के लिए कोई खास व्यवस्था नहीं है। इसे देखते हुए विभाग द्वारा यह कोशिश की जा रही है कि सभी अस्पतालों में बायोमीट्रिक मशीनें लगाई जाएं, जिस पर विचार किया जा रहा है, लेकिन अब यह मामला लटक गया है। विभाग द्वारा यह देखा जा रहा है कि कितने अस्पतालों में इस व्यवस्था को जोड़ा जाए। फिलहाल अभी बजट के लेकर यह चर्चा की जानी है। मशीनें लगाने का खर्चा कितना रहना है, जिसमें एनएचएम से बजट लेने पर भी विचार चल रहा है। कई बार यह भी देखने में आया है कि मरीजों का काफी रश रहता है और डाक्टर ओपीडी में देरी से पहुंचता है। इस पर विभाग ने जिला सीएमओ कोे ये भी निर्देश जारी किए हैं कि वे यह चैक करें कि अस्पतालों में समय पर स्टाफ पहुंच रहा है या नहीं, जिसकी रिपोर्ट प्रदेश स्वास्थ्य विभाग को सौंपने के निर्देश हैं।

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