आईएस के खिलाफ कड़े कदम उठायेगी श्रीलंका सरकार

कोलंबो – श्रीलंका सरकार ने आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) को कुचलने की दिशा में कारगर कदम उठाने और देश की रक्षा के लिए कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने को लेकर प्रतिबद्धता जतायी है। सरकार ने आतंकवादी घटनाओं की पुनरावृति रोकने के लिए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में विशेष रणनीति अपनाने का फैसला लिया है। समाचार पत्र ‘कोलंबो पेज’ ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमासिंघे ने हवाले से यह खबर दी है। श्री विक्रमासिंघे ने कहा कि देश में कानून-व्यवस्था को बनाये रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये गये हैं। रमजान का महीना अच्छी तरह से बीता और रविवार को गिरजाघरों में सामूहिक प्रार्थना भी शांतिपूर्ण ढंग से हुयी। गाैरतलब है कि श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे जिनमें तीन सौ से अधिक लोग मारे गये थे। सरकार ईस्टर आत्मघाती बम धमाकों के बाद से अब तक 200 मौलानाओं समेत 600 से अधिक विदेशी नागरिकों को देश से बाहर कर चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्कूल खुल गये हैं और जन जीवन पटरी पर लौट रहा है। इस बीच सुरक्षा बल और पुलिस के जवावों ने ईस्टर हमले में संलिप्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं और अब अटाॅर्नी जनरल को आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरु करने के बारे में फैसला लेना है। प्रधानमंत्री ने कहा,“ हमे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कारगर कदम और उचित प्रक्रिया अपनानी है। हमने इस दिशा में काम शुरु कर दिये हैं। हमें कई बदलाव करने में मुस्लिम समुदाय से भी मदद और सुझाव मिले हैं। आईएस के हमले से यह साफ हो गया है कि उन्हें स्थानीय मुस्लिम समुदाय का समर्थन नहीं है और यह स्थिति बनी रहनी चाहिए।” श्रीलंका के गृहमंत्री वी अभयवर्द्धने ने इससे पहले कहा था,“ मौलाना वैध रूप से देश में आए थे, लेकिन हमलों के बाद हुई सुरक्षा जांच में पाया गया कि वीजा खत्म होने के बावजूद वे देश में रह रहे थे। उन पर जुर्माना लगाकर देश से बाहर कर दिया गया।” 

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