आईजीएमसी में मनाया नर्स डे 

शिमला—राजधानी शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में रविवार को अंतरराष्ट्रीय नर्स डे मनाया गया। इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सभी नर्सों ने बढ-चढकर भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस समाज में नर्सों के योगदान का जश्न मनाता है और हर साल 12 मई को फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती मनाता है। इसी दिन यानी 12 मई को आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म हुआ था। उनके जन्मदिन को ही अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के तौर पर मनाने का फैसला लिया गया। इस मौके पर हर साल अंतरराष्ट्रीय नर्स परिषद द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस किट तैयार किया जाता है और उसे बांटा जाता है। 1965 से अभी तक यह दिन हर साल इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज इस मौके पर नर्सों के लिए नए विषय की शैक्षिक और सार्वजनिक सूचना की जानकारी की सामग्री का निर्माण और वितरण करके इस दिन को याद करता है।

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस का महत्त्व

नर्सिंग दुनिया भर में स्वास्थ्य रख रखाव से संबंधित सबसे बड़ा पेशा है। लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर रखने में नर्सों का बड़ा योगदान होता है। नर्सों को प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे मरीजों को मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और चिकित्सीय तौर पर फिट होने में मदद करें। इस दिन को मनाकर नर्सों के योगदान को रेखांकित किया जाता है। इससे दुनिया नर्सों के महत्व से अवगत होती है। नर्सों को समाज में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।

You might also like