आखिर कब तक रहेंगे लापरवाह

– राजेश कुमार चौहान

हाल ही सूरत में जो चार मंजिला इमारत में आग लगने से मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हुई, उसके लिए शत् प्रतिशत लापरवाही जिम्मेदार है। अगर समय रहते इस इमारत की जांच प्रशासन ने की होती, तो आज बहुत से घरों के चिराग न बुझे होते। जिस देश में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर हो, वहां भविष्य में भी लापरवाही से होने वाले हादसों पर शायद ही लगाम लग पाएगी, क्योंकि यहां पैसे के गोरखधंधे के लिए अवैध और असुरक्षित निर्माण खूब होते हैं। सूरत में आग लगने से हुए इस दुखद हादसे पर भी सरकार और प्रशासन तब तक ही जागे रहेंगे और भविष्य में लापरवाही से होने वाले ऐसे हादसे रोकने की बातें करेंगे, जब तक यह मामला मीडिया की सुर्खियों में बना रहेगा।

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