आचार संहिता ने रोका पौष्टिक राशन

सरकार ने नववर्ष पर की थी पहल; डिपुओं में मिलने थे बढि़या चावल

शिमला  – आचार संहिता ने प्रदेश के डिपुआें में पौष्टिक्ता युक्त राशन रोक दिया है। नए वर्ष में प्रदेश सरकार ये नई पहल की थी, जिसे अब जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाने वाला था, लेकिन आचार संहिता के लगने के बाद ये प्रस्ताव फाइलों में ही बंद हो कर रह गया। अब आचार संहिता समाप्त होने के बाद ही इस प्रस्ताव को शुरू किया जा सकेगा। गौर हो कि डिपो में मिलने वाले राशन को स्वास्थ्य के हिसाब से जोड़ा जाने वाला था। जानकारी के मुताबिक इसमें अभी खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा इस योजना में सबसे पहले चावल को शामिल किया जा रहा था। इसमें स्वास्थ्य गुणवत्ता के आधार पर चावल की खरीददारी की जानी तय की जा रही थी। यानी  पहले गुणवत्ता के हिसाब  से राशन को खरीदा जाता था, अब पौष्टिक्ता के हिसाब से राशन का डिपाआें में भेजा जाना था। इसमें खासकर पर ये देखा जाता था कि इसमें मिलावट के साथ ही पौष्टिक्ता की कोई कमी तो नहीं । योजना में सबसे पहले चावल की पौष्टिक्ता क ो जांचा जाने वाला था। इसमें ये देखा जाना था कि चावल में पौष्टिक्ता के कैसे तत्त्व पाए जा रहे हैं। इसके बाद  राशन की खरीदारी भी की जाने वाली थी। फिलहाल खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा नमक की पौष्टिक्ता को स्वास्थ्य के हिसाब से जांचा जाने वाला है, लेकिन अब ये प्रोजेक्ट सिरे ही नहीं चढ़ पाया है। योजना की प्रक्रिया कुछ माह बाद ही शुरू की जा सकेगी। प्रदेश अपने आप में पहला राज्य ही होना है, जो स्वास्थ्य की पौष्टिकता के आधार पर राशन की खरीदारी करेगा।

हार्ट अटैक घटाते हैं पौष्टिक चावल

चावल के  कई ऐसे प्रकार है जो स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद  है। चावल में प्रोटीन, आयरन, फाइबर विटामिन के साथ एंटीऑक्साइड भरपूर मात्रा में होता है, जिसमें विशेषज्ञ मानते हैं कि ये मात्रा काले चावल में सबसे अधिक मात्रा में होते हैं। लिहाज़ा अब विभाग राशन की स्वास्थ्य के हिसाब से गुणवत्ता के आधार पर खरीदारी करने वाला हैं। चावल की गुणवत्ता में व्यक्ति के दिल  को भी मज़बूत करता है। पौष्टिक चावल के सेवन से दिल का दौरा पड़ने कर संभावना भी कम रहती है। वहीं, शुगर कम करने में भी एक बेहतर चावल की पौष्टिकता काम आने वाली है।

You might also like