आचार संहिता ने रोका सड़कों का कायाकल्प

पांवटा साहिब—पांवटा साहिब के औद्योगिक क्षेत्रों की ओर जाने वाले जर्जर संपर्क सड़क मार्ग की हालत को बेहतर करने मंे आचार संहिता रोड़ा बन गया। फरवरी माह मंे चार संपर्क सड़क मार्ग की दशा सुधारने के लिए उद्योग विभाग से 2.60 करोड़ रुपए स्वीकृत हुआ था, जिससे उद्योगपति और कामगारों को काफी राहत मिलनी थी, लेकिन आदर्श आचार संहिता लगने से पहले किसी कारण इन सड़कों के कार्यों के टेंडर नहीं लग पाए, जिस कारण काम अटका पड़ा है। इससे उद्योगपतियों की दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। जानकारी के मुताबिक पांवटा साहिब में गोंदपुर और रामपुरघाट औद्योगिक क्षेत्रों को जाने वाले संपर्क सड़क मार्ग खस्ताहाल में हैं। सड़कों की बदत्तर दशा को देखते हुए दिसंबर माह मंे पांवटा प्रवास पर आए प्रदेश के उद्योग मंत्री से चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने सड़कों की दशा सुधारने की मांग की थी। इसके साथ ही पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी ने भी विधानसभा सत्र के दौरान यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। इसके अलावा मीडिया ने भी इस मामले मंे सरकार की खूब खिंचाई की थी। पांवटा साहिब मंे उद्योगपति सरकार को टैक्स के रूप में भारी भरकम राशि देते हैं, लेकिन उनके लिए सुविधाएं नाममात्र की ही हैं। यहां के विश्वकर्मा से देवीनगर रोड, हरिपुर टोहाणा से रामपुरघाट संपर्क मार्ग सहित एनएच-73 से बहराल क्षेत्र और औद्योगिक क्षेत्र गोंदपुर में सड़कों की हालत खराब हो चुकी थी, लोक निर्माण विभाग इन सड़कों को ठीक तो करता है, लेकिन इन सड़कों पर वाहनों की अधिक आवाजाही के कारण सड़कें ज्यादा दिन टिक नहीं पाती और गड्ढों में तबदील हो जाती है। इसलिए उद्योग विभाग ने इन सड़कों को संवारने का जिम्मा उठाया। उद्योग विभाग से जिन चार सड़कों के लिए 2.60 करोड़ रुपए स्वीकृत हुआ है उनमें हरिपुर टोहाणा से रामपुरघाट के लिए 96.52 लाख रुपए, विश्वकर्मा चौक से डेंटल कालेज तक के लिए 70.28 लाख रुपए, एनएच -73 से बहराल क्षेत्र के लिए 85.76 लाख रुपए और औद्योगिक क्षेत्र गोंदपुर के लिए 7.26 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं। राशि स्वीकृत होने के बावजूद इन सड़कों का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। उद्योग विभाग सिरमौर के महाप्रबंधक ज्ञान सिंह चौहान ने उक्त सड़कों के लिए राशि स्वीकृत होने की पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग ने उनके माध्यम से उक्त सड़कों के रिपेयरिंग का एस्टीमेट मंगवाया था, जो भेज दिया गया था। इनके लिए पैसा फरवरी माह में स्वीकृत होकर आ गया था, जिसे लोक निर्माण विभाग को भेजा गया। उन्होंने कहा कि डेंटल कालेज से रामपुरघाट तक जिस प्रकार की सड़क का विभाग द्वारा निर्माण करवाया गया है उसी प्रकार की बेहतरीन सड़कें बनाकर दी जानी हैं, लेकिन आचार संहिता के कारण काम आगे नहीं बढ़ पाया है। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अजय शर्मा ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के हटते ही इन सड़कों के कार्य की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

You might also like