आधे घंटे की ओलावृष्टि ने तबाह किया मटर

सराज में दोपहर बाद बिगड़े मौसम ने धो डाली किसानों की उम्मीदें, फलदार बागीचों को भी नुकसान

थुनाग—सराज में फलदार पौधों और मटर की फसल को मटियामेट करने में  ओलावृष्टि ने कोई कसर नहीं छोड़ी है।रविवार दोपहर बाद ओलावृष्टि से सराज के खेतों में तैयार हरे मटर की फसल सहित सेब व अन्य फलदार बागीचों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे क्षेत्र के किसानों और बागबानों को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। ओलावृष्टि सराज में सेब व अन्य फलदार पौधों में फलों को जख्मी कर दिया है। वहीं गोहर क्षेत्र के किसानों के खेतों में तैयार गंदम की फसल को भी चपेट में ले लिया है। लगातार 25 से 30 मिनट तक भारी बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से किसानों और बागबानों को लाखों का नुकसान हुआ है। एक ओर जहां इस बार किसानों को मटर की फसल के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं।  ओलावृष्टि ने कहर बरपा कर फसल को भी दागी कर किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे के बाद हुई ओलावृष्टि से सराज के संगरूट, मायाधार, बजवास, राहकोट, बहलीधार, थाच, ओढ़ीधार, बखलैर, केयोली, टिपरा, बिजैहल, चकरेंदीधार आदि क्षेत्रों में दो से तीन इंच तक ओलावृष्टि ने किसानों और बागबानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। पंचायत जनप्रतिनिधियों ने कहना है कि ओलावृष्टि से किसानों और बागबानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे अब हुए नुकसान से उन्हें आर्थिकी की समस्या सताने लगी है। उन्होंने कहा कि सेब के साथ-साथ मटर की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सराज के किसान हरे मटर की फसल से लाखों की कमाई करते थे, जो ओलावृष्टि ने अब तबाह कर दी है।  इससे बागबानों की रोजी-रोटी चलती है। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि ओलावृष्टि से हुई क्षति का जायजा लेकर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि बागबानों को कुछ हद तक राहत मिल सके।वहीं इस संदर्भ में टीआर चौहान, एसएमएस बागबानी विभाग बगस्याड़ का कहना है कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान की रिपोर्ट देने के बारे में फील्ड अधिकारियों को आदेश कर दिए गए हैं। मैं स्वयं भी प्रभावित इलाकों का मौका करूंगा, रिपोर्ट एकत्रित होने के उपरांत कार्रवाई हेतु उच्च अधिकारियो को प्रेषित की जाएगी

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