आभासी दुनिया का मदर्स-डे

– सुनीता पवार

कल मां दिवस है। हफ्ते भर पहले से ही आभासी और वास्तविक दुनिया दोनों में मदर्स-डे की धूम मची हुई है। मां के नाम पर कई तरह के कांटेस्ट चल रहे हैं। कई तरह की प्रतियोगिताएं चल रही हैं और इनाम भी रखे जा रहे हैं। कई तरह के कपड़ों और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स पर छूट भी मिल रही है। अच्छी बात है, क्योंकि अब बच्चों के पास समय नहीं है मां की ओर ध्यान देने का। दिखावे के लिए ही सही, कम से कम मां के साथ एक फोटो तो खींच लेते हैं। मां की ममता का अहसास खोते बच्चे अब विज्ञापनों के माध्यम से मां को समझते हैं। मां दिवस का अब मां भी इंतजार करती है।

 

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