आर्थिक आतंकवाद में नंगेपन पर उतरा यूएस

व्यापार युद्ध के बीच चीन का अमरीका पर जोरदार हमला

बीजिंग – व्यापार युद्ध के बीच चीन ने गुरुवार को अमरीका पर जोरदार हमला बोलते हुए उस पर खुल्लम खुल्ला आर्थिक आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया है। दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच काफी समय से विवाद जारी है। व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अटकी हुई है। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी महीने चीन की वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाया है। साथ ही चीन की दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी हुवावे को काली सूची में डाला है। चीन के उप विदेश मंत्री झांग हनहुई ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि हम व्यापार युद्ध के खिलाफ हैं, लेकिन इससे डरते नहीं हैं। अमरीका आर्थिक आतंकवाद में नंगेपन पर उतरा है। उसका रुख आर्थिक दृष्टि से उग्रराष्ट्रवाद और दूसरों को डराने धमकाने वाला है। उन्होंने चेताया कि व्यापार युद्ध में कोई विजेता नहीं होता। अमरीका द्वारा शुल्क बढ़ोतरी के बाद चीन ने जवाबी कदम उठाया है। चीन की मीडिया ने सुझाव दिया है कि वह अमरीका को रेयर अर्थ (दुर्लभ खनिजों) का निर्यात रोक दे, जिससे वह प्रौद्योगिकी उत्पादों के लिए एक महत्त्वपूर्ण सामग्री से वंचित हो जाए।

अमरीका ने आतंकी संगठनों की सहायता राशि 

वाशिंगटन – अमरीका ने आतंकवाद पर नकेल कसने की कोशिश के तहत पाकिस्तान स्थित गुटों समेत कई सूचीबद्ध आतंकवादी संगठनों की पिछले साल तक चार करोड़ 46 लाख डालर से अधिक राशि रोक दी। अमरीकी वित्त मंत्रालय द्वारा जारी सालाना रिपोर्ट के अनुसार, अमरीका ने लश्कर-ए-तोएबा की चार लाख डालर और जैश-ए-मोहम्मद की 1,725 डालर की राशि बाधित की। मंत्रालय का विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों और आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों की पूंजी के खिलाफ प्रतिबंध लगाता है। संघीय निकाय अमरीका की विदेश नीति एवं राष्ट्रीय सुरक्षा लक्ष्यों के आधार पर आर्थिक एवं व्यापार प्रतिबंध लगाने के अपने लक्ष्य के तहत इस तरह की कार्रवाई करता है।

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