आवारा पशुओं ने सताया…बंदरों ने रूलाया

पालमपुर—पालमपुर उपमंडल में लगातार बढ़ रही आवारा पशुओं की संख्या चिंता का सबब बनती जा रही है। उपमंडल का बिरला ही क्षेत्र होगा जहां इस समय पशुओं के झंुड न दिखाई दे रहे हों। आवारा गउओं के साथ कुत्तों और बंदरों की बढ़ती संख्या एक विकराल समस्या के तौर पर उभर रही है। पालमपुर नगर परिशद क्षेत्र के साथ साथ लगती पंचायतों व प्रदेश कृषि विवि के साथ वाली सड़क में भी भारी संख्या में आवारा गउएं घूमती देखी जा सकती हैं। यह पशु राह चलते वाहनों के लिए दुर्घटना का सबब बन रहे हैं, तो इन पशुओं द्वारा वाहनों को नुकसान पहुंचाने के मामले भी सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पूर्व पालमपुर की घुग्गर पंचायत में एक आवारा बैल द्वारा मचाए गए कोहराम से कुछ दुकानों को भी नुकसान पहुंचा था। लोगों में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर यह पशुु आ कहां से रहे हैं। खेती को नुकसान पहुंचा रहे पशुओं को मार-मार कर खदेड़ा जा रहा है और बीते समय में बुरी तरह से चोटिल कई पशु सामने आ चुके हैं।

कुत्तों के डर से चलना दुश्वार

गली मोहल्लों में कुत्तों की बढ़ती संख्या परेशानी का सबब बनती जा रही है। कुत्तों की टोलियां यहां-वहां से गुजर रही हैं, जिससे खासकर स्कूल जाते बच्चों को दिक्कत हो रही है। उपमंडल के अनेक स्थानों से कुत्तों द्वारा पशुओं व लोगों को काटे जाने की घटनाएं बीते समय में सामने आ चुकी हैं।

घरों में घुस रहे बंदर

बंदरों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है और बंदर तो लोगों के घरों में भी घुस रहे हैं। खासकर पंचायतों के क्षेत्र में तो बंदरों और कुत्तों की संख्या पिछले कुछ ही समय के दौरान काफी बढ़ गई है

आईमा गोसदन में बढ़ी गउएं

सरकारों द्वारा आवारा पशुओं के लिए गोसदन बनाए जाने के खोखले दावों के बीच पालमपुर की आईमा पंचायत में एक गोसदन चलाया जा रहा है। यहां भी अब गउओं की संख्या काफी ज्याद हो गई है। नंदन गोसदन का काम एक टीम देख रही है और लोगों के सहयोग से गोसदन को चलाया जा रहा है। इस तरह के गौसदन की आवश्यकता अब हर पंचायत में हैं, ताकि आवारा पशुओं को आसरा मिल सके।

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