आश्रम प्रबंधन के समर्थन में पूर्व छात्र

सुंदरनगर —उपमंडल सुंदरनगर के चर्चित नाबालिग छात्र मौत मामले में पूर्व छात्र बाल आश्रम प्रबंधन के समर्थन में उतर आए हंै। छात्रों ने सोशल मीडिया पर मैसेज करके आश्रम के पक्ष में अपना बयान भेजा है, लेकिन वहीं दूसरी ओर बाल आश्रम के प्रबंधन की चुप्पी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि अगर सच्चाई प्रबंधन के बयानों में है तो वह आज दिन तक खुलकर आम जनता के सामने क्यों नहीं आए हैं। उक्त दोनों पूर्व छात्र मनीष व प्रदीप ने कहा कि वे बाल आश्रम में काफी लंबे समय रहे और आश्रम अनाथ व असहाय बच्चों की सेवा में दिन रात लगा है। उन्होंने कहा कि आज दिन तक बाल आश्रम से लगभग 550 बच्चे शिक्षा ग्रहण करके सरकारी व गैर सरकारी पदों पर कार्यरत हैं व समाज में अपनी सेवाएं दे रहे हंै। उन्होंने कहा कि मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक पुलिस की कार्रवाई पूरी होकर सामने नहीं आ जाती है, तब तक इस प्रकार से संस्थान के खिलाफ झूठा प्रचार करना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि संस्थान का पक्ष भी समस्त जनता के सामने आना चाहिए और समाज में अफवाहों को नहीं फैलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आश्रम में रहने वाला बच्चा कई दिनों से बीमार था। उन्होंने कहा कि बच्चे को मारा या पीटा नहीं गया था। उन्होंने कहा कि अगर बच्चे को मारा या पीटा गया होता तो उसके शरीर पर निशान होते और मेडिकल जांच के समय कोई न कोई निशान सामने आने थे। पूर्व छात्रों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, विधायक राकेश जम्वाल, स्थानीय प्रशासन व लोगों से अपील की है कि इस मामले में सभी पक्षों को ध्यान में रखकर ही उचित कदम उठाए जाए।

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