इति की पेंटिंग पर सब फिदा

शिमला—शिमला के गेयटी थियेटर में लगाई जा रही चित्रकला प्रदर्शनी में चित्रकार इति की चित्रकला दर्शकों को काफी पसंद आ रही है। इति की चित्रकारी की खास बात यह है कि वह लोगों के मन में आने वाले ख्यालों को रंगों के माध्यम से अपनी चित्रकला में उकेरती हंै। उन्होंने सुंदर रंगों के माध्यम से लोगों के ख्यालों को दिखाया है। वह लोगों के मन को अपनी चित्रकारी के माध्यम से व्यक्त कर रही हैं। यह सच है कि मन को काबू नहीं किया जा सकता है। हर रोज मन में हजारों लाखों ख्यालात आते हैं। मन को काबू करना किसी के बस की बात नहीं, मन हवा से भी तेज गति से चलता हैै। वहीं कुछ एक ऐसे पहलुओं को अपनी चित्रकारी के माध्यम से सामने रखा है, जिसमें समाज का असली पहलू दिखाया गया है। अपनी पेंटिंग के माध्यम से वह यही दिखाना चाहती हंै कि आज के दौर में लोग अधिक सुख सुविधा चाहते हैं। इसके लिए लगातार पर्यावरण को नुकसान पहुंंचा रहे हैं। ऐसे में ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। साथ ही पर्यावरण संतुलन में भी परिवर्तन हो रहा है, जो काफी नुकसानदायक है। इससे आने वाले समय में लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। बता दें कि चित्रकार इति उदयपुर में पेंटिंग की अध्यापिका हैं। उन्होंने बताया कि वह बच्चों को क्रिएटिव आर्ट व रचनात्मक चित्रकारी करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने बताया कि वह बच्चों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करती हैं। समाज में बच्चों का महत्वपूर्ण रोल है वह अपनी बात बखूबी व सच्चाई से रख पाते हैं। यही वजह है कि लोग बच्चों की मासूमियत और बच्चों के प्रयास को समझने की कोशिश जरूर करते हैं। कलाकार इति शिमला शहर के वातावरण व यहां के लोगों से बहुत प्रभावित हुई हैं। उन्होंने बताया कि शिमला का यूथ बहुत मेहनती है। वह अपने कार्य को लगन से करता है। सबसे खास बात यह है कि युवाओं को चित्रकारी का ज्ञान बखूबी है और वे चित्रकारी को पसंद भी करते हैं।

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